गोंडा DM ने SIR को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक: नो-मैपिंग प्रपत्रों की समीक्षा, मतदाता सूची में त्रुटि सुधार के कड़े निर्देश

गोंडा। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intense Revision – SIR) को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इसमें सभी एआरओ, एईआरओ और जनपद स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक का प्रमुख उद्देश्य निर्वाचन कार्यों की प्रगति, प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन, और नो-मैपिंग से जुड़े प्रपत्रों की जांच को गति देना था।


डिजिटाइजेशन को प्राथमिकता, त्रुटिहीन इंद्राज के निर्देश

बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • सभी गणना प्रपत्रों का 100% डिजिटाइजेशन शीघ्र पूरा किया जाए

  • दर्ज किए जा रहे डेटा में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो

  • प्रपत्रों की अस्पष्टता या अधूरी जानकारी तुरंत सुधारी जाए

उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन जितना सटीक होगा, मतदाता सूची उतनी ही पारदर्शी और अद्यतन बनेगी। समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निर्वाचन प्रक्रिया की नींव को मजबूत करता है।


नो-मैपिंग प्रपत्रों की गहन समीक्षा का आदेश

DM प्रियंका निरंजन ने नो-मैपिंग में दर्ज प्रपत्रों की गंभीरता से समीक्षा का निर्देश देते हुए कहा कि—

  • गलत मैपिंग या अधूरा डेटा

  • निर्वाचन क्षेत्र की भौगोलिक सीमाओं की सत्यता को प्रभावित कर सकता है

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—

  • ऐसे प्रपत्रों की तुरंत जांच हो

  • त्रुटियाँ प्राथमिकता से सुधारी जाएँ

  • भौगोलिक निर्धारण पूरी तरह सटीक होना चाहिए

उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों की सही मैपिंग चुनाव प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


बीएलओ–बीएलए बैठकें अनिवार्य, संयुक्त समीक्षा से होगी सटीकता

डीएम ने सभी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के साथ नियमित बैठकें करें। इन बैठकों में—

  • मतदाता सूची में नाम जोड़ने

  • नाम हटाने

  • संशोधन के प्रपत्रों

की संयुक्त समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बीएलओ–बीएलए के बीच बेहतर समन्वय से मतदाता सूची की गुणवत्ता बेहतर होगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।


निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन अनिवार्य

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेताया कि—

  • SIR से जुड़े सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं

  • निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए

  • किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करें।

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