गोंडा | डुमरियागंज सांसद और जेपीसी वक्फ बिल के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने गोंडा दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अभिनेता शाहरुख खान को लेकर तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान की सोच भारत के हित में सही नहीं है और मौजूदा हालात को देखते हुए किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में नहीं लेना चाहिए था।
जगदंबिका पाल एक दिवसीय दौरे पर गोंडा पहुंचे थे। यहां नंदिनी निकेतन में कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्र कथा महोत्सव में करीब एक घंटे तक सहभागिता की और सद्गुरु रितेश्वर महाराज द्वारा राष्ट्र उत्थान व छात्र उत्थान पर दी जा रही कथा को सुना।
राहुल गांधी की मानसिकता पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इंदौर की घटना को लेकर दिए गए बयान—“सरकार जहर बांट रही है, पानी नहीं”—पर प्रतिक्रिया देते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि इस घटना के बाद नगर निगम कमिश्नर को हटाया गया है और कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी प्रवृत्ति विदेश जाकर भारत की आलोचना करने की रही है। एक नेता प्रतिपक्ष को सरकार या प्रधानमंत्री की आलोचना का अधिकार है, लेकिन देश की आलोचना विदेश में करना गलत है। यही कारण है कि जनता उन्हें स्वीकार नहीं करती।
शाहरुख खान की सोच को बताया गलत
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और अभिनेता शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिए जाने के मुद्दे पर जगदंबिका पाल ने कहा कि बांग्लादेश की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है। भारत सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को तलब किया और विदेश मंत्री स्वयं वहां गए।
उन्होंने कहा कि भारत के दबाव में ही बांग्लादेश के प्रतिनिधि को अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की बात कहनी पड़ी। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेना उचित नहीं था। उन्होंने शाहरुख खान की सोच को देशहित में गलत बताया।
PDA पर भी साधा निशाना
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के पीडीए और बाटी-चोखा कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि यह सब केवल दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस दोनों ही परिवारवाद की राजनीति करते हैं। उनके पास जनता के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है, केवल ट्वीट करना ही उनकी राजनीति बन गई है।
राष्ट्रगान और वंदे मातरम पर बयान
उन्होंने कहा कि लोकसभा में भी विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं था। जब गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने लगे तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान सपा सांसदों द्वारा विरोध किए जाने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पाल ने कहा कि वंदे मातरम आजादी की लड़ाई और आज भी राष्ट्र की एकता व अखंडता का प्रतीक है।
गोंडा दौरे के दौरान जगदंबिका पाल के बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं। शाहरुख खान, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर उनके तीखे हमलों से साफ है कि भाजपा नेताओं ने आगामी राजनीतिक माहौल को देखते हुए आक्रामक रुख अपना लिया है। राष्ट्र, संस्कृति और देशहित को केंद्र में रखकर दिए गए उनके बयान आने वाले समय में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।

