गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए बड़े पैमाने पर GST चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में तीन फर्जी फर्मों के जरिए करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन फर्मों का कारोबार केवल कागजों पर दर्शाया गया था, जबकि जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार का वास्तविक व्यापार या माल की आपूर्ति नहीं हुई।
मामले में नगर कोतवाली में तीनों फर्मों के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सर्वश्री मां जी इंटरप्राइजेज से 2.18 करोड़ की GST चोरी
राज्य कर विभाग ने सर्वश्री मां जी इंटरप्राइजेज नामक फर्म की जांच की, जिसने अप्रैल 2025 में ऑनलाइन GST पंजीकरण कराया था। फर्म का पता परेड सरकार पंत नगर, जेल रोड, गोंडा दर्शाया गया था, लेकिन भौतिक सत्यापन में वहां कोई भी व्यवसायिक गतिविधि नहीं पाई गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में फर्म ने 12.28 करोड़ रुपये का आउटवर्ड सप्लाई टर्नओवर दिखाया और 21.85 लाख रुपये से अधिक की ITC भारत इंटरप्राइजेज को ट्रांसफर की। जबकि GSTR-2A/2B में किसी भी वैध इनवर्ड सप्लाई का रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। इस फर्जीवाड़े से सरकार को करीब 2.18 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
इस मामले में फर्म मालिक बलविंदर लाल के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
सर्वश्री मूर्ति इंटरप्राइजेज से 8.69 करोड़ की फर्जी ITC ट्रांसफर
जांच में दूसरी फर्जी फर्म सर्वश्री मूर्ति इंटरप्राइजेज का भी खुलासा हुआ। फर्म ने फल और ड्राई फ्रूट के व्यापार का दावा किया था, लेकिन इसका घोषित व्यापार स्थल भी जेल रोड पर मिला, जहां कोई कारोबार नहीं चल रहा था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में फर्म ने 37.08 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई और 86.91 लाख रुपये की फर्जी ITC का उपयोग किया। इसके अलावा इस फर्म ने अन्य फर्मों को 8.69 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी ITC ट्रांसफर की, जिनमें गोपीनाथ इंटरप्राइजेज, यादव इंटरप्राइजेज, एस इंटरप्राइजेज और गौतम इंटरप्राइजेज शामिल हैं।
इस मामले में फर्म मालिक संतोष राम के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
SL ट्रेडर्स ने 8.15 करोड़ की ITC का उठाया गलत लाभ
तीसरा मामला M/S SL ट्रेडर्स से जुड़ा है। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 45.29 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर 8.15 करोड़ रुपये की ITC का गलत लाभ लिया। ऑनलाइन आवेदन में खिलौने और खेल सामग्री के व्यापार का उल्लेख था, लेकिन भौतिक सत्यापन में यहां भी कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं मिली।
इस मामले में फर्म मालिक सोहनलाल के खिलाफ भी FIR दर्ज कर ली गई है।
तीनों मामलों में FIR दर्ज, जांच तेज
नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-4 महेंद्र प्रताप सिंह और उपायुक्त राज्य कर दिनेश कुमार पांडेय की तहरीर पर तीनों मामलों में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। फर्जी ITC नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गोंडा में सामने आया यह GST और ITC घोटाला टैक्स सिस्टम में सेंध लगाने की गंभीर साजिश को उजागर करता है। कागजों पर चल रही फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की टैक्स चोरी न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि ईमानदार कारोबारियों के लिए भी चुनौती बन रही है। अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

