गोंडा: जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र स्थित बरडांड पूरे तिलक गांव में 27 जून को 8 वर्षीय बालक राज की मौत का मामला अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि बच्चे की मौत तालाब में डूबने से हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस थ्योरी पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का खुलासा
बच्चे के शव का जब पोस्टमार्टम कराया गया, तो रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि ये चोटें डूबने से पहले की हैं, जिससे संदेह गहराता जा रहा है कि राज की मौत एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच अब हत्या के एंगल से शुरू कर दी है।
परिजनों ने भी जताई हत्या की आशंका
राज के परिजनों ने पहले ही इस मौत को संदेहास्पद बताया था। उनका कहना है कि
“राज सुबह घर से खेलने गया था, लेकिन काफी देर बाद जब वह नहीं लौटा तो हमने तलाश शुरू की। दोपहर में उसका शव गांव के बाहर तालाब में मिला।”
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार ने स्पष्ट रूप से हत्या की आशंका जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा की जांच शुरू
इटियाथोक थाना पुलिस ने गांव में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। इसके अलावा बच्चे के संपर्क में आए लोगों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल के आसपास की लोकेशन को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
“हमें कुछ अहम सुराग मिले हैं जिन्हें जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।”
ग्रामीणों में फैली सनसनी, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
राज की संदिग्ध मौत के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं।
स्थानीय निवासी मांग कर रहे हैं कि
“पुलिस इस मामले की निष्पक्ष और तेज जांच करे ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।”
निष्कर्ष: मासूम की मौत या किसी साजिश की बली?
राज की मौत से न केवल उसका परिवार बल्कि पूरा गांव स्तब्ध है। एक ओर जहां परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द सच्चाई का खुलासा करे और गुनहगारों को सलाखों के पीछे भेजे।

