गोंडा | गोंडा जनपद में बह रही घाघरा नदी का जलस्तर बीते 24 घंटों में 19 सेंटीमीटर घटा है और यह अब खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। हालांकि राहत की खबर के बीच चिंता की बात यह है कि नदी कटान की रफ्तार तेजी से बढ़ी है, जिससे 20 से अधिक गांवों के लोग भयभीत हैं।
3.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया बैराजों से
सोमवार सुबह 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार:
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गिरजा बैराज से: 52,168 क्यूसेक
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शारदा बैराज से: 20,585 क्यूसेक
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सरयू बैराज से: 1,887 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
कुल मिलाकर पिछले 24 घंटों में 3 लाख 39 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है, जिससे तटवर्ती इलाकों पर प्रभाव पड़ा है।
तरबगंज क्षेत्र में तेजी से हो रही कटान, 2 बीघा जमीन समाई
तरबगंज तहसील के नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत साकीपुर चहलवा गांव में घाघरा और सरयू नदी की कटान बेहद तेज हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 4 दिनों में लगभग 2 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। इससे खेत, घर और बुनियादी ढांचे पर खतरा मंडरा रहा है।
तटबंधों की निगरानी 24×7 कंट्रोल रूम से
बाढ़ खंड विभाग और जिला प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। गोंडा कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। तटबंधों पर पानी की तेज थपेड़ों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
ADM बोले – पूरी स्थिति पर नजर, गांवों की रिपोर्ट ली जा रही
गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जानकारी देते हुए कहा:
“नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। किनारे बसे गांवों की निगरानी हो रही है और जहां भी कटान की स्थिति सामने आ रही है, वहां राजस्व विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मंगवाई जा रही है।”
उन्होंने आश्वस्त किया कि जरूरतमंदों को शासन की ओर से सभी मदद नियमों के तहत दी जाएगी।
निष्कर्ष:
जहां एक ओर घाघरा नदी का जलस्तर घटने से थोड़ी राहत है, वहीं तटीय क्षेत्रों में बढ़ती नदी कटान ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में वर्षा और जल प्रवाह की स्थिति पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है ताकि जनहानि और संपत्ति का नुकसान रोका जा सके।

