गोंडा: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने अबू धाबी में आयोजित विश्व संरक्षण सम्मेलन में भाग लिया। अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन उन्होंने “हमारे शहरी पर्यावरण में परिवर्तन: स्थिरता के मार्ग” विषय पर एक उच्च-स्तरीय संवाद के मंत्रिस्तरीय पैनल में हिस्सा लिया।
भारत का दृष्टिकोण साझा किया:
मंत्री सिंह ने स्थायी प्रकृति-सकारात्मक शहरी विकास के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया, जिसमें लोगों और ग्रह दोनों को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से भी मुलाकात की और व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा पर्यटन (3T) क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
अपने दौरे के दौरान मंत्री ने भारतीय दूतावास में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा कार्बन बाजारों को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मिशन लाइफ’ के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

स्मार्ट सिटी मिशन और शहरी स्थिरता:
कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि भारत सरकार का दृष्टिकोण एकीकृत नियोजन, मापनीय मिशन और नागरिक-केंद्रित व्यवहार परिवर्तन पर आधारित है। स्मार्ट सिटी मिशन जैसी प्रमुख पहलें ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, सतत गतिशीलता और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को मुख्यधारा में लाती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार तीन मुख्य स्तंभों – हरित भवनों और ऊर्जा संहिताओं; केंद्रीय अनुदानों व ग्रीन बांड के माध्यम से वित्तपोषण; और स्मार्ट सिटी, अमृत और शहरी नियोजन के तहत क्षमता निर्माण – के माध्यम से शहरों को मजबूत कर रही है।

भविष्य की योजनाएं:
मंत्री ने भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रमों, जैसे ‘स्मार्ट सिटीज मिशन’, ‘संशोधित ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2022’ और ‘अमृत कार्यक्रम’ का उदाहरण दिया, जो ऊर्जा दक्षता और शहरी सेवाओं में सुधार ला रहे हैं। उन्होंने भविष्य में ऊर्जा-कुशल और समावेशी शहरों के निर्माण के लिए स्थिर नीतिगत ढांचे, नवोन्मेषी वित्त और प्रौद्योगिकी साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
अंत में कीर्तिवर्धन सिंह ने ग्लोबल साउथ के तेजी से शहरीकरण को देखते हुए रहने योग्य, हरे-भरे और समावेशी शहरों के निर्माण का लक्ष्य रखा।

निष्कर्ष:
राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का अबू धाबी दौरा और मंत्रिस्तरीय पैनल में भागीदारी भारत के शहरी स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण की वैश्विक प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इस दौरे से शहरी विकास, ऊर्जा दक्षता और समावेशी प्रगति के लिए नीति और वैश्विक साझेदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।

