लखनऊ/बलरामपुर: धर्मांतरण रैकेट के आरोप में गिरफ्तार छांगुर बाबा इन दिनों ATS की रिमांड पर है, लेकिन पूछताछ में वह लगातार टीम को गुमराह कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा हर सवाल पर या तो झूठ बोल रहा है या विषय को भटका रहा है।
ATS की टीम उसे बलरामपुर स्थित उसकी हवेली पर भी लेकर गई, ताकि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज या साक्ष्य मिल सकें, लेकिन वहां से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी।
डोनेशन के पैसे को बताया ‘धर्म प्रचार’ का हिस्सा
छांगुर ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि जिन डोनेशन फंड्स को धर्मांतरण से जोड़ा जा रहा है, वे ‘धर्म प्रचार’ के लिए उपयोग किए गए। उसने यह भी कहा कि उसका किसी भी तरह के अवैध धर्मांतरण से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि, ATS के पास इससे जुड़ी कई डिजिटल ट्रांजैक्शन और गवाहों के बयान हैं, जो बाबा के दावे को खारिज करते हैं।
गैंग के पासपोर्ट नेपाल से बनवाए गए
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि छांगुर बाबा के नेटवर्क के कई सदस्यों के पासपोर्ट नेपाल से बनवाए गए। सूत्रों का कहना है कि नेपाल के रास्ते अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत करने और ट्रैकिंग से बचने के लिए यह तरीका अपनाया गया।
नसरीन से भी की गई पूछताछ
छांगुर बाबा के साथ ही उसकी सहयोगी नसरीन से भी पूछताछ की गई। दोनों को एक साथ बैठाकर पूछने पर कई बार जवाबों में विरोधाभास देखने को मिला। ATS इस गैंग में विदेशी फंडिंग, नेटवर्किंग और धर्मांतरण की योजना को लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है।
पूछताछ में रच रहा नई कहानी
छांगुर ATS को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि उसने अपने ट्रस्ट और संस्था के माध्यम से गरीबों की सेवा की है, न कि उनका धर्म बदला। लेकिन, ATS के पास मौजूद कुछ वीडियो फुटेज और दस्तावेज ऐसे दावों को गलत साबित कर रहे हैं।
ATS ने कहा- अब गहराई से होगी जांच
ATS अफसरों का कहना है कि छांगुर बाबा ने पूछताछ में अब तक कोई भी ठोस और सहयोगात्मक जानकारी नहीं दी है। उसके द्वारा बरती जा रही चालाकी और लगातार बदलते बयान इस केस को और गंभीर बना रहे हैं।
निष्कर्ष:
छांगुर बाबा फिलहाल ATS की रिमांड पर है, लेकिन उसकी बयानबाजी और ढेरों फर्जी कहानियों ने जांच एजेंसी को ज्यादा सतर्क कर दिया है। जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

