हरियाणा: के रेवाड़ी जिले की हाईटेक जेल से दो बंदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार शाम हुई इस घटना का खुलासा तब हुआ जब नियमित गिनती के दौरान दो बंदी कम पाए गए। फरार हुए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और साइबर ठगी के मामलों में जेल में बंद थे।
जेल प्रशासन के अनुसार, फरार होने वालों में 22 वर्षीय फैजान (जिला रामपुर) और 21 वर्षीय जाहिद (जिला इटावा) शामिल हैं। दोनों के गायब होने की सूचना मिलते ही जेल परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत सदर थाना पुलिस को दी गई।
रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी जाहिद को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे आरोपी फैजान की तलाश के लिए पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई है। पुलिस के अनुसार, जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
गिनती के दौरान खुला मामला
जेल के सहायक उपाधीक्षक मुस्ताक अहमद ने अपनी शिकायत में बताया कि 27 मार्च की शाम जब बंदियों की गिनती की गई, तो दो बंदी कम पाए गए। इसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। रिकॉर्ड चेक करने और बैरकों की तलाशी के बावजूद दोनों का कोई पता नहीं चला।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब डेढ़ बजे दोनों बंदियों को जेल परिसर में देखा गया था। इसके बाद वे अचानक गायब हो गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि फरारी की योजना पहले से तैयार थी और सही मौके का इंतजार किया जा रहा था।

सीढ़ी लगाकर फांदी जेल की दीवार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने जेल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य का फायदा उठाया। उन्होंने वहां मौजूद सीढ़ी और अन्य सामान का इस्तेमाल करते हुए जेल की ऊंची दीवार को पार किया और फरार हो गए।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—कैसे बंदियों को निर्माण सामग्री तक पहुंच मिली? सुरक्षा कर्मियों की नजर से यह गतिविधि कैसे बची? क्या सीसीटीवी निगरानी में कोई कमी थी? इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सदर थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार के अनुसार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। इसमें रेवाड़ी पुलिस के साथ धारूहेड़ा सीआईए टीम को भी शामिल किया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी दबिश दे रही है।
गिरफ्तार आरोपी जाहिद से पूछताछ की जा रही है, जिससे फरारी की पूरी साजिश और उसमें शामिल अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी मिल सके।
कोर्ट ट्रायल के दौरान थे बंद
दोनों आरोपी साइबर ठगी के मामलों में जेल में बंद थे। पुलिस के अनुसार, जाहिद को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था, जबकि फैजान को इसी महीने पकड़ा गया था। दोनों के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चल रहा था और उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन ठगी में शामिल थे। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि फरारी की योजना भी पहले से सुनियोजित थी।
हाईटेक जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
रेवाड़ी की यह जेल हरियाणा की हाईटेक जेलों में गिनी जाती है। गांव फिदेड़ी में बनी इस जेल का उद्घाटन हाल ही में किया गया था और यहां अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया गया था। इसके बावजूद इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
घटना की सूचना मिलते ही आईजी स्पेशल टॉस्क फोर्स बी सतीश बालन मौके पर पहुंचे और जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक, एक जेल कर्मचारी को निलंबित करने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन की चुप्पी
इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की ओर से स्पष्ट बयान नहीं आया है। जेल अधीक्षक सुरेंद्र दलाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे मामले को लेकर और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

