उत्तर प्रदेश: की राजधानी Lucknow समेत कई जिलों में बीते दो दिनों में पेट्रोल, डीजल और LPG की मांग में अचानक जबरदस्त उछाल देखने को मिला। 26 और 27 मार्च को हालात ऐसे बन गए कि ईंधन की खपत सामान्य से दोगुनी-तीन गुनी तक पहुंच गई।
इस असामान्य बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण अफवाहों को माना जा रहा है, जिसने आम लोगों में ‘फ्यूल पैनिक’ जैसी स्थिति पैदा कर दी।
2 दिन में दोगुनी हो गई खपत
आंकड़ों के अनुसार, 24 मार्च तक पेट्रोल और डीजल की बिक्री सामान्य थी, लेकिन 25 मार्च से अचानक तेजी देखने को मिली।
पेट्रोल की बिक्री 24 मार्च को औसत से 4% अधिक थी, जो 25 मार्च को 38% और 26 मार्च को 77% तक पहुंच गई। वहीं डीजल की बिक्री 19% से बढ़कर 36% और फिर 75% तक पहुंच गई।
यह उछाल इस बात का संकेत है कि लोगों ने अफवाहों के चलते बड़ी मात्रा में ईंधन जमा करना शुरू कर दिया।
लखनऊ में 100% से ज्यादा उछाल
लखनऊ में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर रही। यहां पेट्रोल की बिक्री 3% से बढ़कर 42% और फिर 109% तक पहुंच गई।
डीजल की खपत भी 17% से बढ़कर 61% और फिर 100% तक पहुंच गई। इस अचानक बढ़ी मांग ने सप्लाई सिस्टम पर दबाव जरूर डाला, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
कई जिलों में 200% तक बढ़ी मांग
प्रदेश के अन्य जिलों जैसे आजमगढ़, बाराबंकी, देवरिया, गोरखपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में भी पेट्रोल और डीजल की मांग में 170% से लेकर 230% तक की वृद्धि दर्ज की गई।
यह दिखाता है कि अफवाह का असर पूरे प्रदेश में तेजी से फैला।
LPG सिलेंडर की रिकॉर्ड बुकिंग
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ LPG सिलेंडर की मांग भी अचानक बढ़ गई। 26 मार्च को कुल 13.31 लाख सिलेंडर बुक किए गए, जबकि केवल 7.83 लाख की डिलीवरी हो पाई।
इससे करीब 5.5 लाख सिलेंडर का बैकलॉग बन गया, जिसे अब कंपनियां तेजी से पूरा करने में जुटी हैं।

ऑयल कंपनियों का दावा—स्टॉक पर्याप्त
Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum सहित तेल कंपनियों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उनका कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर 4 से 5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि LPG के लिए कुल मिलाकर 15 से 18 दिन का रिजर्व मौजूद है।
प्रशासन भी अलर्ट मोड में
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। लखनऊ के डीएम विशाख जी ने सभी पेट्रोल पंप मालिकों को पंप खुले रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी तरह की कमी की स्थिति न बने।
इसके अलावा सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या और महाराजगंज जैसे जिलों में हालात पहले से बेहतर हो चुके हैं।
आने वाले एक-दो दिनों में पूरे प्रदेश में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन और तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें न केवल सप्लाई सिस्टम पर दबाव डालती हैं, बल्कि अनावश्यक घबराहट भी पैदा करती हैं।
लखनऊ और आसपास के जिलों में ईंधन की अचानक बढ़ी मांग ने यह साफ कर दिया कि अफवाहें किस तरह हालात बिगाड़ सकती हैं। हालांकि, प्रशासन और कंपनियों की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में रही।
अब जरूरत है कि लोग जागरूक रहें और बिना पुष्टि के किसी भी खबर पर भरोसा न करें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

