उत्तर प्रदेश: के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak सोमवार को उस समय एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए, जब उन्हें लेकर उड़ान भरने जा रहे सरकारी विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। घटना Moradabad एयरपोर्ट की है, जहां विमान के इंजन से धुआं निकलने के बाद अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि पायलट की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की वजह से समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। घटना के बाद विमान को तत्काल रोक दिया गया और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई।
उड़ान से पहले अचानक निकला धुआं
प्राप्त जानकारी के अनुसार डिप्टी CM ब्रजेश पाठक एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा पर थे। उनका विमान उड़ान भरने की तैयारी में रनवे पर मौजूद था। इसी दौरान विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इंजन से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया, जिससे एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, सभी टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं।

पायलट की सूझबूझ से टला हादसा
बताया जा रहा है कि पायलट ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया और विमान को उड़ान भरने से रोक दिया। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विमान में सवार डिप्टी CM ब्रजेश पाठक समेत सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद राहत की सांस ली गई क्योंकि समय रहते खराबी पकड़ में आने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंजन की समस्या उड़ान के दौरान सामने आती तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।
तकनीकी टीम कर रही जांच
घटना के बाद सरकारी विमान को जांच के लिए एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इंजन में आई खराबी के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी फॉल्ट की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
विशेषज्ञ यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं इंजन में रखरखाव संबंधी कोई कमी तो नहीं थी या फिर यह अचानक आई तकनीकी समस्या थी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज
घटना की खबर सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई। कई नेताओं और अधिकारियों ने राहत जताई कि डिप्टी CM समेत सभी लोग सुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया। लोग पायलट की सतर्कता की तारीफ कर रहे हैं, जिसने समय रहते सही फैसला लेकर संभावित हादसे को टाल दिया।
वीवीआईपी उड़ानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब वीवीआईपी उड़ानों की सुरक्षा और तकनीकी जांच को लेकर लगातार सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।
सरकारी और वीवीआईपी विमानों की उड़ानों से पहले कई स्तरों पर तकनीकी निरीक्षण किया जाता है। इसके बावजूद इंजन में खराबी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि विमानों का नियमित निरीक्षण, समय पर सर्विसिंग और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ ही ऐसी घटनाओं को रोकने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही विमान से धुआं निकलने की खबर फैली, एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत क्षेत्र को घेर लिया और किसी को भी विमान के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
कुछ देर तक एयरपोर्ट पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, लेकिन बाद में अधिकारियों ने सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि आखिर इंजन में खराबी कैसे आई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकार और विमानन विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं ताकि आगे किसी भी वीवीआईपी उड़ान में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

