उत्तराखंड: की सियासत और राज्य स्थापना दिवस के समारोह के बीच शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को देहरादून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा चर्चा का केंद्र रहा। राज्य गठन के 26वें वर्ष के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे शाह ने एक तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा लक्ष्य दिया, तो दूसरी तरफ उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित किया। उनके दौरे को राज्योत्सव, राजनीतिक संदेश और पुलिस के सम्मान—तीनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर से देहरादून के लिए रवाना हुए।
उनके दौरे को लेकर शहर में सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परेड ग्राउंड से लेकर पुलिस लाइन रेसकोर्स तक कार्यक्रम स्थलों पर तैयारियां की गई थीं। राज्य स्थापना दिवस के समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आम लोग शामिल हुए।
परेड ग्राउंड से दिया 65 पार का चुनावी संदेश
अमित शाह ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम की जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने की भाजपा की इच्छा जाहिर की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने और 65 पार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए घर-घर संपर्क मजबूत करने का आह्वान किया।
शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने राज्य की राजनीति, विकास और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी, सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और राज्य सरकार के कामकाज का भी उल्लेख किया।
उनके संबोधन में भाजपा की ओर से आगामी चुनाव के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने का संदेश साफ दिखाई दिया। हालांकि 65 पार का लक्ष्य पार्टी का चुनावी संकल्प है, इसे चुनाव परिणाम या किसी आधिकारिक अनुमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
धामी सरकार के कामकाज का भी किया जिक्र
जनसभा में अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामों की चर्चा की। उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने, रोजगार और विकास से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। संबोधन में राज्य में युवाओं को रोजगार देने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का मुद्दा भी प्रमुख रहा।
उत्तराखंड की पहचान, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी। भाजपा के लिए यह कार्यक्रम राज्य स्थापना दिवस के उत्सव के साथ-साथ आगामी राजनीतिक अभियान को गति देने का अवसर भी रहा।

उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस कलर
अमित शाह के दौरे का दूसरा बड़ा और ऐतिहासिक महत्व वाला कार्यक्रम पुलिस लाइन रेसकोर्स में आयोजित हुआ। यहां उन्होंने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर यानी राष्ट्रपति निशान से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति पुलिस कलर किसी पुलिस बल को उसके उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। यह सम्मान पूरे पुलिस संगठन के लिए गौरव का प्रतीक माना जाता है। उत्तराखंड पुलिस के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां, सीमावर्ती क्षेत्र, पर्वतीय चुनौतियां और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के सामने अलग तरह की जिम्मेदारियां रखती हैं।
इस सम्मान से पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। यह उपलब्धि राज्य पुलिस के संस्थागत योगदान और लंबे समय से किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का प्रतीक भी है।
राज्य स्थापना दिवस पर प्रतिभाओं का सम्मान
राज्य स्थापना दिवस के 26वें वर्ष के समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दो लोगों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, 15 लोगों को उत्तराखंड गौरव अवार्ड और छह बच्चों को बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई।
इस मौके पर राज्य की उपलब्धियों, सामाजिक योगदान और प्रतिभाओं को सम्मान देने पर जोर रहा। समारोह में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने उत्तराखंड को देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने की बात भी कही।
दौरे के दौरान विरोध और राजनीतिक हलचल भी
अमित शाह के दौरे के बीच कुछ स्थानों पर विरोध की गतिविधियां भी देखने को मिलीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर विरोध जताने की तैयारी की थी। एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, परेड ग्राउंड की ओर बढ़ रहे कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बैरिकेडिंग के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
इस घटनाक्रम ने राज्य स्थापना दिवस के समारोह के बीच राजनीतिक माहौल को भी चर्चा में ला दिया। भाजपा की ओर से जहां विकास और चुनावी लक्ष्य का संदेश दिया गया, वहीं विपक्ष ने अपने मुद्दों के जरिए सरकार और केंद्र का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
कोर कमेटी की बैठक टली
अमित शाह के दौरे के दौरान भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया। ऐसे में दौरे का मुख्य फोकस राज्योत्सव की जनसभा और उत्तराखंड पुलिस के सम्मान समारोह पर रहा।
कुल मिलाकर, देहरादून में अमित शाह का दौरा उत्तराखंड के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। एक ओर राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिला, तो दूसरी ओर भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपना लक्ष्य सार्वजनिक किया। अब देखना होगा कि राज्य को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की बात और 65 पार का चुनावी संकल्प आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।