गोंडा: जिले की गौशालाओं में अब अव्यवस्था और लापरवाही पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने गौशालाओं के सुचारु संचालन और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी सीधी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गौवंशों के लिए हरे चारे की बुआई और गौशालाओं को पार्क की तर्ज पर विकसित करने का आदेश भी जारी किया गया है।
यह निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जिसमें गौशालाओं की वर्तमान स्थिति, व्यवस्थाएं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
चारागाह भूमि पर अनिवार्य होगी हरे चारे की बुआई
डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विकास खंडों में स्थित गौशालाओं के पास उपलब्ध चारागाह भूमि पर हरे चारे की बुआई अनिवार्य रूप से कराएं।
इसका उद्देश्य गौवंशों को
- पौष्टिक चारा उपलब्ध कराना,
- बाहरी निर्भरता कम करना,
- और गौशालाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।
CCTV से होगी 24×7 निगरानी, बनेगा कंट्रोल रूम
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने को अनिवार्य बताया।
साथ ही निर्देश दिया गया कि
- मुख्यालय स्तर पर एक सुदृढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए,
- जहां से सभी गौशालाओं की सीधी और नियमित निगरानी की जा सके।
इस व्यवस्था से किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था या अनदेखी पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि
“गौशालाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि वे
- नियमित निरीक्षण करें,
- कमियों की पहचान करें,
- और तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पार्क की तर्ज पर होंगी गौशालाएं विकसित
बैठक में यह भी तय किया गया कि गौशालाओं का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इसके तहत
- हरियाली,
- स्वच्छता,
- सुव्यवस्थित ढांचा,
- और पशुओं के लिए अनुकूल वातावरण
पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि गौशालाएं आदर्श मॉडल के रूप में विकसित हो सकें।
नियमित समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि
- सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए,
- और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए,
ताकि जिले की गौशालाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
गोंडा जिले की गौशालाओं में अब पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। CCTV कैमरे, कंट्रोल रूम, हरे चारे की बुआई और पार्क जैसी संरचना से गौवंशों के संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। जिला प्रशासन का यह कदम गौशालाओं को आदर्श और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और ठोस प्रयास माना जा रहा है।

