मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित प्रतिष्ठित आईआईएमटी (IIMT) यूनिवर्सिटी से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है। यहाँ गंगानगर स्थित यूनिवर्सिटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर एक एमबीए (MBA) फाइनल ईयर की छात्रा की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से ही पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है। जहाँ एक तरफ पुलिस और कॉलेज प्रशासन इसे डिप्रेशन और सुसाइड के एंगल से देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मृतका के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर सीसीटीवी (CCTV) फुटेज छिपाने और मामले को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
तीसरी मंजिल के कमरा नंबर 67 की कहानी
मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली अनु गुप्ता (MBA फाइनल ईयर) गंगानगर के आईआईएमटी सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 67 में रहती थी। सोमवार की सुबह करीब 9:30 बजे हॉस्टल के नीचे बने जिम के बाहर काम करने वाली एक मेड (नौकरानी) ने फर्श पर अनु का शव खून से लथपथ हालत में देखा। ऊपर से गिरने के कारण अनु का सिर फट चुका था और चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। मेड के शोर मचाने पर अन्य छात्राएं और कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप: “सुबह खुश थी बहन, कॉलेज वाले कैमरा नहीं दिखा रहे”
इस घटना ने तब सस्पेंस का रूप ले लिया जब अनु की बड़ी बहन तनु गुप्ता ने मीडिया के सामने आकर कॉलेज प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। तनु ने बताया:
“मेरी सुबह 9:00 बजे ही अनु से फोन पर बात हुई थी। वह बेहद खुश थी। उसने मुझसे कहा कि वह अपना फाइल वर्क पूरा कर रही है, इसके बाद नाश्ता करके अपनी मैडम से मिलने जाएगी। इसके तुरंत बाद मेरी दूसरी बहन से भी उसकी बात हुई, जिसमें उसने 10:00 बजे मैडम से मिलने की बात दोहराई।”
तनु ने आगे बताया कि जब कुछ देर बाद उन्होंने दोबारा फोन किया, तो अनु की रूममेट ने फोन उठाया और कहा कि ‘अनु कमरे में नहीं है, उसका फोन यहीं है और नीचे किसी लड़की की लाश मिली है।’
परिजनों का आरोप है कि जब वे मेरठ पहुंचे तो पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा चुकी थी। परिजनों ने रोते हुए कहा, “कॉलेज प्रशासन न तो हमें सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखा रहा है और न ही कोई सही जानकारी दे रहा है। हमारी बेटी जिंदा थी, लेकिन उन्होंने हमें बिना बताए सब कुछ किया।”

डिप्रेशन की थ्योरी: मां की मौत और परीक्षा में बैक
घटना की जांच कर रही पुलिस और यूनिवर्सिटी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनु पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव (Depression) से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि लगभग दो महीने पहले ही अनु की मां का निधन हुआ था, जिसके सदमे से वह उबर नहीं पाई थी। इसके साथ ही, एमबीए की परीक्षा में उसकी ‘बैक’ (अनुत्तीर्ण होना) आ गई थी, जिसके कारण वह कॉलेज और हॉस्टल में काफी गुमसुम रहने लगी थी और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया।
पुलिसिया कार्रवाई: सुसाइड नोट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात (SP Countryside) पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी देहात ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
“हमें आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में एक छात्रा का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। मौके से या मृतका के कमरे से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस हर एक पहलू और तथ्य की गहनता से जांच कर रही है।”
मेरठ की आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में हुई अनु गुप्ता की मौत ने एक बार फिर से हॉस्टल्स में छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह साफ करना है कि यह वाकई डिप्रेशन के कारण की गई आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। परिजनों के आरोपों के बाद अब कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की जांच इस पूरे सस्पेंस से पर्दा उठा सकती है।

