गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गौ-तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब एक साल से पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था और मध्य प्रदेश में छिपकर रह रहा था। परसपुर थाना पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में उसे मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद बिलाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोंडा लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
2024 से फरार चल रहा था आरोपी
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद बिलाल के खिलाफ 5 जनवरी 2024 को गोंडा जिले के परसपुर थाने में गौ-तस्करी से जुड़ा मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में गोवंशों को लादकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गया। इसके बाद से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
गिरफ्तारी पर बढ़ाया गया था इनाम
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। शुरुआत में गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
लेकिन लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने के कारण देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। इसके बाद आरोपी की तलाश और तेज कर दी गई।
मध्य प्रदेश में छिपकर रह रहा था बिलाल
पुलिस जांच में यह सामने आया कि फरार होने के बाद मोहम्मद बिलाल ने मध्य प्रदेश में अपना ठिकाना बना लिया था। वह वहां पहचान छिपाकर रह रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था ताकि पुलिस की नजर से बच सके।
पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में सूचना मिलने के बाद परसपुर थाना पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मध्य प्रदेश में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में फैला था तस्करी का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मोहम्मद बिलाल केवल गोंडा जिले में ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गोवंशों को ट्रकों में भरकर दूसरे राज्यों में भेजता था।
बताया जा रहा है कि वह गोवंशों को हरियाणा, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में ले जाकर उनकी तस्करी करता था। इस तरह उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस ने गोंडा लाकर भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को गोंडा लेकर आई और उसे न्यायालय में पेश किया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
इस संबंध में परसपुर थाना अध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
उन्होंने बताया कि यूपी एसटीएफ के सहयोग से आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के लिए बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी गोंडा पुलिस और यूपी एसटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता है। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर दबाव भी था।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। संभव है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

