Flydubai Cockpit Attack: पहले सामान्य उड़ान, फिर पीछे से हमला… खून से लथपथ पायलट ने ऐसे खोला कॉकपिट का दरवाजा

दुबई: से तेल अवीव जा रही Flydubai की एक सामान्य उड़ान अचानक ऐसी स्थिति में पहुंच गई, जहां विमान में सवार लोगों की जान पर बन आई। फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके सह-पायलट ने हमला कर दिया। विमान उस समय हजारों फीट की ऊंचाई पर था और कुछ ही देर में तेजी से नीचे जाने लगा।

अब कैप्टन स्मित मच्छर ने इस घटना के अंदर की कहानी बताई है। उनके मुताबिक शुरुआत में उड़ान बिल्कुल सामान्य थी। सह-पायलट ने प्रार्थना करने की बात कही और वह कॉकपिट में ही प्रार्थना करने लगा। मच्छर का ध्यान उस समय विमान के सामने की ओर था। कुछ मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार वार महसूस हुआ।

पीछे से आया पहला वार, फिर लगातार हमले

कैप्टन के अनुसार पहला वार इतना अचानक था कि उन्हें शुरुआती क्षण में लगा कि शायद विमान को ही कोई गंभीर नुकसान हुआ है। लेकिन इसके बाद लगातार वार होते रहे और उन्हें समझ आया कि खतरा विमान से नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद दूसरे व्यक्ति से है।

बाद की जानकारी में यह भी सामने आया कि हमलावर सह-पायलट ने पहले प्रार्थना को लेकर स्थिति बनाई और फिर कैप्टन पर हमला किया। घटना के विवरण अलग-अलग चरणों में सामने आए हैं और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।

घायल पायलट को पता था कि विमान नीचे जा रहा है

हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा था। उन्होंने बाद में बताया कि वह जमीन पर गिर चुके थे, लेकिन उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।

यही वह क्षण था जब उन्होंने खुद को दोबारा उठाने की कोशिश की। उनके सामने कॉकपिट का दरवाजा था। गंभीर चोटों और दर्द के बावजूद उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए अपनी बची हुई ताकत लगा दी। दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद लोगों को अंदर आने और स्थिति संभालने का मौका मिला।

कॉकपिट का दरवाजा खुला और बदल गया पूरा घटनाक्रम

कैप्टन के दरवाजा खोलने के बाद आगे बैठे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट की तरफ बढ़कर हमलावर को काबू करने की कोशिश की। उपलब्ध विवरणों के अनुसार कुछ यात्रियों ने हमलावर को पकड़ लिया और उसे बांधकर नियंत्रित किया।

इस दौरान विमान तेजी से नीचे जा चुका था। रिपोर्टों के मुताबिक विमान ने बेहद कम समय में करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई गंवाई। यात्रियों के लिए यह बेहद भयावह स्थिति थी।

विमान में मौजूद दूसरे पायलट बने अहम कड़ी

इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी था कि विमान में अन्य Flydubai पायलट मौजूद थे, जो उस समय यात्रियों के बीच बैठे थे। कॉकपिट में हमला होने के बाद इन पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने में मदद की।

हमलावर को काबू करने के बाद अतिरिक्त पायलटों ने विमान की कमान संभाली और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतारा गया। इस तरह कॉकपिट के अंदर शुरू हुई हिंसक घटना एक संभावित बड़े विमान हादसे में बदलने से बच गई।

174 यात्रियों की जान पर था खतरा

फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी।

विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को सऊदी अरब में सहायता दी गई और बाद में उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था की गई। घटना के बाद इजरायल जाने वाली Flydubai सेवाओं को लेकर भी जांच और परिचालन संबंधी कदम उठाए गए।

स्मित मच्छर ने बताया- ‘मैं दूसरों को मरने नहीं दे सकता था’

भारतीय प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर ने बताया कि उस समय वह अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें यह भी पता था कि अगर विमान को नहीं संभाला गया तो बाकी लोग भी खतरे में पड़ सकते हैं।

उन्होंने बताया कि 17 साल से विमान उड़ाने और 11 साल से कप्तान रहने के अनुभव ने उन्हें उस संकट में विमान की स्थिति समझने में मदद की। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया।

घटना की जांच जारी

कॉकपिट में हमला क्यों हुआ, सह-पायलट का वास्तविक मकसद क्या था और घटना की पूरी योजना क्या थी—इन सवालों पर जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में संभावित विमान अपहरण या विमान को नुकसान पहुंचाने की आशंका का उल्लेख हुआ है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटना ने विमान सुरक्षा, कॉकपिट प्रोटोकॉल और उड़ान के दौरान चालक दल की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छर का इलाज चल रहा है और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह चोटों से उबर रहे हैं।

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