लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाने की राह आसान बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को विशेष राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत इन चार विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने, अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में लिखित व शारीरिक परीक्षा की बाध्यता समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले से उन युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद राज्य की सरकारी सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं।
चार विभागों में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण
राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक, पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की संबंधित भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को राज्य के विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ उनकी मूल सामाजिक श्रेणी के अनुसार दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। यानी संबंधित अभ्यर्थियों को उनकी श्रेणी के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था में समायोजित किया जाएगा। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित पद की पात्रता, लागू भर्ती नियमों और जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तय होगा।
यह व्यवस्था उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो सेना में निर्धारित अवधि तक सेवा देने के बाद अपने गृह प्रदेश में स्थायी रोजगार की तलाश करेंगे।
लिखित और फिजिकल टेस्ट से मिलेगी राहत
इस फैसले की सबसे अहम बात भर्ती प्रक्रिया में मिलने वाली छूट है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों की निर्धारित भर्तियों में पात्र पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण से छूट देने का प्रावधान किया गया है। उन्हें मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा।
सैन्य सेवा के दौरान अग्निवीर शारीरिक प्रशिक्षण, अनुशासन और निर्धारित जिम्मेदारियों से जुड़े अनुभव हासिल करते हैं। ऐसे में सरकार का उद्देश्य उनके प्रशिक्षण और अनुभव का उपयोग राज्य के प्रशासनिक तथा सुरक्षा संबंधी कार्यों में करना है।
हालांकि, अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मेडिकल टेस्ट से गुजरना जरूरी होगा। इसके अलावा, पद की प्रकृति और अंतिम भर्ती नियमों में यदि कोई दूसरी पात्रता या शर्त निर्धारित की जाती है, तो उसका पालन भी करना होगा। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी रहेगा।

25 से बढ़ाकर 28 वर्ष हुई अधिकतम आयु सीमा
पूर्व अग्निवीरों को उम्र के मामले में भी राहत दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित भर्तियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष करने का फैसला किया गया है। इस तरह अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु में तीन साल की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
यह बदलाव इसलिए अहम है, क्योंकि अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को दूसरी नौकरी की तैयारी और आवेदन के लिए सीमित समय मिल सकता है। आयु सीमा में राहत मिलने से ऐसे उम्मीदवारों को सरकारी पदों के लिए पात्र बने रहने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
फिर भी, आयु की गणना किस तारीख के आधार पर होगी, किन अभ्यर्थियों को छूट मिलेगी और अन्य आयु संबंधी शर्तें क्या होंगी, इसकी पुष्टि संबंधित भर्ती विज्ञापन से करना जरूरी है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्या होगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद संबंधित विभागों को लागू नियमों और भर्ती प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी होगी।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि कैबिनेट की मंजूरी को किसी विशेष पद पर तत्काल नियुक्ति या आवेदन शुरू होने की घोषणा न समझें। वास्तविक भर्ती की तारीख, रिक्त पदों की संख्या, आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजों की शर्तें संबंधित विभागों की आधिकारिक अधिसूचना में स्पष्ट होंगी।
इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती बोर्डों और संबंधित विभागों की वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
पूर्व अग्निवीरों को कैसे मिलेगा फायदा?
इस फैसले से सैन्य सेवा के बाद करियर की नई दिशा तलाश रहे युवाओं को कई स्तरों पर राहत मिलने की संभावना है। आरक्षण से संबंधित पदों पर अवसर बढ़ सकते हैं, आयु सीमा में छूट से आवेदन का अतिरिक्त समय मिलेगा और लिखित तथा शारीरिक परीक्षा से राहत मिलने पर चयन प्रक्रिया का स्वरूप भी बदल सकता है।
विशेष रूप से पुलिस, वन और कारागार जैसे क्षेत्रों में अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जिम्मेदारी निभाने का अनुभव उपयोगी हो सकता है। परिवहन विभाग में भी संबंधित पदों के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को अवसर मिल सकता है।
हालांकि, हर विभाग में पदों की प्रकृति अलग होती है। इसलिए सभी पूर्व अग्निवीरों को हर पद पर स्वतः पात्र नहीं माना जा सकता। अंतिम चयन लागू नियमों और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।



