गोंडा: बुधवार रात मजार के पास जेसीबी से खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंसने से 3 युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया है। मृतकों में एक किशोर भी शामिल है, जिनकी मौत मलबे में दबने से हुई है।
हादसे का विस्तृत ब्यौरा
जानकारी के मुताबिक मजार के समीप जेसीबी से खुदाई का कार्य चल रहा था, तभी अचानक एक दीवार ढह गई। इसके साथ ही आसपास की मिट्टी भी धंस गई, जिससे वहां मौजूद 4 लोग मलबे के नीचे दब गए। ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए पहुँचकर उन्हें बाहर निकाला लेकिन तीन युवकों को बचाया नहीं जा सका। घायलों को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से एक गंभीर हालत वाले को लखनऊ रिफर कर दिया गया।
मृतकों की शिनाख्त और परिवार का हाल
मृतकों में शामिल किशोर और अन्य युवक गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य को तेज किया। मृतकों के परिजन अभी सदमे की स्थिति में हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जेसीबी ऑपरेटर और खुदाई के जिम्मेदारों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही भविष्य में इस तरह के हादसों से बचाव के लिए कड़ी निगरानी और सुरक्षा उपाय अपनाने का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
गांव वाले इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि इस तरह के खतरनाक कार्य को बिना सुरक्षा इंतजाम के कैसे कराया जा सकता है। कई ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को पहले से ही क्षेत्र में खतरे के संकेत मिलते रहे हैं लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
निष्कर्ष
गोंडा में यह हादसा जेसीबी से खुदाई के दौरान सुरक्षा के अभाव और अव्यवस्था की ओर गंभीर चेतावनी है। प्रशासन से उम्मीद है कि वे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करेंगे और मलबे में दबे मृतकों के परिवारों को न्याय और सहायता उपलब्ध कराएंगे।



