आगरा: गुरुवार शाम आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र स्थित एक चांदी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में दो मजदूर जिंदा जल गए, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री की तीन भट्ठियां एक के बाद एक फटीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दमकल विभाग को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी।
कैसे हुआ हादसा?
घटना शाम करीब 5:30 बजे की है। चांदी पिघलाने के दौरान तेज तापमान और गैस रिसाव के कारण भट्ठियों में विस्फोट हो गया। मजदूरों के पास भागने का मौका नहीं मिला और दो की मौके पर ही मौत हो गई। चार झुलसे मजदूरों को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बाजार बंद, प्रशासन मौके पर
विस्फोट के बाद स्थानीय बाजार तुरंत बंद कर दिया गया। लोगों में आक्रोश और डर का माहौल है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। फैक्ट्री मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। भट्ठियों की हालत जर्जर थी और पहले भी कई बार धुआं व गर्मी की शिकायतें आई थीं, लेकिन प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
स्थानीय विधायक का बयान
आगरा दक्षिण के विधायक ने घटनास्थल पर पहुंचकर कहा:
“यह एक मानव निर्मित त्रासदी है। फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी बनती है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष:
यह हादसा न सिर्फ मजदूर सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि आगरा जैसे शहरों में औद्योगिक मानकों की जांच केवल कागजों तक सीमित है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन दोषियों को सजा दिला पाता है या नहीं।



