गोंडा | मुजेहना | उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद से एक बार फिर दहेज प्रताड़ना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। धानेपुर थाना क्षेत्र के त्रिभुवन नगर ग्रंट की निवासी गुलजार नामक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के कुल 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। गुलजार इस समय 8 महीने की गर्भवती है और उसने आरोप लगाया है कि उसे 5 लाख रुपए नकद और बाइक के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
शादी के समय पिता ने दिया था भरपूर दहेज
गुलजार की शादी वर्ष 2024 में सिद्धार्थ नगर जिले के भवानीगंज थाना क्षेत्र के मझरेतीया गांव निवासी कादिर से हुई थी। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता ने अपनी सामर्थ्य अनुसार दो लाख रुपए नकद, फ्रिज, कूलर, सोफा, बेड, अलमारी, बर्तन और जेवर आदि देकर शादी की थी।
ससुराल वालों ने की दहेज की दोबारा मांग
शादी के बाद गुलजार ने करीब एक साल तक ससुराल में जीवन बिताया। इस दौरान वह गर्भवती हो गई और वर्तमान में 8 महीने की गर्भवती है। लेकिन उसकी जिंदगी में खुशियों की जगह दहेज की मांगों ने ले ली।
गुलजार ने अपने पति कादिर, ससुर अब्दुल समद, सास शहनाज, देवर जाफर, देवरानी आलिया, शहजाद अली और ननद हाजिरा पर आरोप लगाया है कि वे लगातार 5 लाख रुपए और एक बाइक की मांग कर रहे थे।
मारपीट कर घर से निकाला, दी जान से मारने की धमकी
गुलजार के मुताबिक जब उसने इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो उसे मारा-पीटा गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
7 जुलाई को ससुराल पक्ष ने उसे बुरी तरह पीटने के बाद घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दोबारा वापस आई तो जान से मार देंगे।
थाने में दर्ज कराया मुकदमा
घटना के बाद गुलजार ने धानेपुर थाने में शिकायती पत्र देकर सातों लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला सुरक्षा पर सवाल
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित किया है कि दहेज प्रथा जैसी कुरीति आज भी समाज में जड़ें जमाए हुए है। गर्भवती महिला को इस तरह घर से निकालना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि मानवीयता के खिलाफ भी है।



