गोंडा: जिले में नगर पालिका परिषद द्वारा बनाए गए मॉडल वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन पर सवाल उठने लगे हैं। 93 लाख रुपये की लागत से डूडा विभाग द्वारा तैयार की गई 105 दुकानों का आवंटन अब दोबारा जांच के दायरे में आ गया है।
शिकायत पर शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार, अपात्र लोगों को दुकानें आवंटित किए जाने की शिकायत सामने आई है। इस मामले में तहसीलदार ने नगर पालिका से दुकानों के आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड तलब किए हैं।
आवेदन और आवंटन की स्थिति
नगर पालिका परिषद द्वारा बनाए गए इन मॉडल वेंडिंग जोन के लिए 1600 आवेदन आए थे। लेकिन आवंटन प्रक्रिया में कई ऐसे नाम शामिल हो गए, जो नियमों के अनुरूप पात्र नहीं थे। इसी को लेकर असली पात्र आवेदकों ने आपत्ति दर्ज कराई।
तीन स्थानों पर बनाए गए वेंडिंग जोन
शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर यह वेंडिंग जोन बनाए गए हैं, ताकि छोटे व्यापारियों को नियमित और सुरक्षित स्थान मिल सके। लेकिन आवंटन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने परियोजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की सख्ती
जांच शुरू होने के बाद अब सभी दुकानों के आवंटन की दस्तावेजी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी को गलत तरीके से दुकान दी गई है तो आवंटन रद्द कर दिया जाएगा और पात्र लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
व्यापारियों में रोष और उम्मीद
स्थानीय छोटे व्यापारी इस मामले को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि जो लोग वास्तव में फुटपाथ और सड़क किनारे दुकान लगाते थे, उन्हें इस योजना से लाभ मिलना चाहिए। जांच शुरू होने से उन्हें उम्मीद जगी है कि सही लोगों को उनका हक मिलेगा।



