गोंडा: जिले में शुक्रवार देर रात रेलवे विभाग ने सुभागपुर रेलवे क्रॉसिंग पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। रात 11 बजे के करीब अचानक रेलवे से सूचना दी गई कि एक टैंकर ट्रेन से टकरा गया है। जैसे ही यह संदेश फैला, रेलवे और पुलिस विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
काल्पनिक हादसे की स्थिति बनाई गई
मॉक ड्रिल में काल्पनिक रूप से ट्रेन दुर्घटना की स्थिति बनाई गई। इसमें घायल यात्रियों को बचाने, हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य करने तथा त्वरित मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को परखा गया। इस दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और रेलवे के राहतकर्मी भी मौके पर सक्रिय दिखे।
पुलिस और रेलवे की संयुक्त कार्रवाई
जैसे ही सूचना फैली, स्थानीय पुलिस, जीआरपी और रेलवे की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहले तो लोगों को लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया है, लेकिन बाद में पता चला कि यह सिर्फ एक आपातकालीन मॉक ड्रिल थी।
सुरक्षा और सतर्कता की बड़ी कवायद
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को परखना है। ऐसी कवायद से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि अगर भविष्य में कोई वास्तविक हादसा हो तो टीमें तुरंत और प्रभावी तरीके से काम कर सकें।
लोगों में मची हलचल
मॉक ड्रिल की खबर फैलते ही आस-पास के इलाके में हलचल मच गई। कई लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि यह केवल पूर्वाभ्यास था।



