जस्टिस सचिन दत्ता बोले- किसे सरकारी बंगला मिलेगा, सरकार मनमाने तरीके से नहीं चुन सकती; 18 सितंबर तक केंद्र को नीति व रिकॉर्ड पेश करने के आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सरकारी बंगला आवंटित करने में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस सचिन दत्ता ने स्पष्ट किया कि सरकारी आवास आवंटन में मनमाने फैसले नहीं किए जा सकते और यह प्रक्रिया ‘फ्री सिस्टम’ जैसी नहीं हो सकती। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 18 सितंबर तक न केवल सटीक तारीख के साथ बंगला आवंटन का विवरण देने का निर्देश दिया, बल्कि वेटिंग लिस्ट से जुड़ी नीति भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

AAP की याचिका में उठाया मुद्दा

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केजरीवाल को सरकारी आवास आवंटित करने की मांग की थी। AAP का कहना है कि इस संदर्भ में उन्होंने केंद्र को 20 सितंबर, 2024 को पत्र भेजा था और बाद में रिमाइंडर भी दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 6, फ्लैगस्टाफ रोड का बंगला खाली कर दिया था। तब से वे अपने बेटे के साथ एक पार्टी सांसद के सरकारी आवास में रह रहे हैं।

AAP के वकील राहुल मेहरा ने कोर्ट में बताया कि इस साल मई में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपना बंगला 35 लोधी एस्टेट पर खाली किया था। केंद्र सरकार ने इस बंगले को किसी और को आवंटित कर दिया, जबकि पार्टी ने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया था कि यह बंगला केजरीवाल को दिया जाए। केंद्र सरकार के वकील ने मामले की सुनवाई टालने की कोशिश की और ASG की गैरमौजूदगी का हवाला दिया। इसके बावजूद, कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की।

केंद्र का बचाव और हाईकोर्ट का रुख

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि 35 लोधी एस्टेट का बंगला एक राज्य मंत्री को आवंटित किया जा चुका है और कोई राजनीतिक दल विशेष बंगले के लिए केंद्र से मांग नहीं कर सकता। उन्होंने वेटिंग लिस्ट का हवाला देते हुए कहा कि जब संभव होगा, केजरीवाल को आवास दिया जाएगा। इस पर जस्टिस सचिन दत्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वेटिंग लिस्ट का हवाला कोई बहाना नहीं बन सकता और केंद्र को स्पष्ट जवाब देना होगा।

केजरीवाल का इस्तीफा और राजनीतिक पृष्ठभूमि

13 सितंबर, 2024 को शराब नीति मामले में गिरफ्तार केजरीवाल को तिहाड़ जेल से जमानत मिली। इसके बाद 15 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। 17 सितंबर को उन्होंने औपचारिक रूप से CM पद छोड़ा। तत्पश्चात AAP की आतिशी दिल्ली सरकार की कमान संभाली। फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत से सरकार बनाई और रेखा गुप्ता के नेतृत्व में नई सरकार बनी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top