नई दिल्ली/वॉशिंगटन डीसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें फोन कर जन्मदिन की बधाई दी। यह बातचीत भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बात चीत थी। करीब तीन घंटे चली लंबी चर्चा में दोनों देशों ने आपसी सहयोग और द्विपक्षीय ट्रेड डील पर सकारात्मक संकेत दिए।
‘जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया’: सुप्रीम कोर्ट की तरह ट्रम्प ने जताई तारीफ
ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर साझा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बहुत अच्छी बातचीत की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “आप अद्भुत काम कर रहे हैं। रूस और यूक्रेन युद्ध खत्म करने में आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।” इसके जवाब में पीएम मोदी ने भी ट्विटर पर लिखा, “थैंक यू, मेरे दोस्त, प्रेसिडेंट ट्रम्प। मैं भारत-अमेरिका के बीच वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
टैरिफ विवाद के बीच पहली बातचीत, सकारात्मक माहौल बना
यह संवाद उस समय हुआ जब अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू कर दिया था। ट्रम्प ने अगस्त में रूस से तेल आयात पर जुर्माना लगाने के लिए भारत पर 25% टैरिफ लगाया था। इसके अलावा व्यापार घाटे का हवाला देकर भारत के निर्यात पर 25% और टैरिफ लगाया गया था। भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय ट्रेड डील पर मंगलवार को करीब सात घंटे तक बातचीत हुई। अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच और भारतीय वाणिज्य विभाग के विशेष प्रतिनिधि राजेश अग्रवाल के बीच हुई चर्चा को दोनों पक्ष ने सकारात्मक बताया। अगले दौर की बातचीत वर्चुअल माध्यम से तय की जाएगी।
ट्रम्प के शर्तें और भारत की चुनौतियाँ
अमेरिका के उद्योग मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं टैरिफ हटाने के लिए – रूस से तेल खरीदना बंद करना, BRICS से अलग होना और अमेरिका का समर्थन करना। ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी दलील दी कि भारत पर टैरिफ रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए जरूरी हैं। साथ ही, उन्होंने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी जो भारी टैरिफ लगाने के खिलाफ था।
दोस्ती का नया आयाम
पिछले 12 दिनों में ट्रम्प ने दो बार पीएम मोदी को ‘मेरा दोस्त’ कहकर संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत-अमेरिका पार्टनरशिप को असीमित संभावनाओं वाला बताया और दोनों देशों के बीच दूरगामी रणनीतिक सहयोग पर भरोसा जताया।



