लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गोमती नगर विस्तार के मलेशिया मऊ क्षेत्र में सोमवार को अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई की। जैसे ही एलडीए की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विरोध में दर्जनों लोग छत पर चढ़ गए और महिलाओं ने खुद को घरों में बंद कर लिया। इस दौरान एक लड़की बेहोश हो गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
बुलडोजर देखते ही शुरू हुआ हंगामा
एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, प्राधिकरण की जमीन पर 8 परिवारों ने अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया था। जब टीम मौके पर पहुंची तो कब्जाधारियों ने बुलडोजर के सामने आकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस बल से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जब अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा और तीन जोनल अफसर मौके पर पहुंचे, तब जाकर माहौल कुछ शांत हुआ। इसके बाद कब्जाधारी मोहम्मद सलीम और उनके परिजन छत से नीचे उतरे और एलडीए टीम ने अवैध निर्माण तोड़ना शुरू किया।
नोटिस देने का दावा, कब्जेदारों ने बताया अचानक कार्रवाई
एलडीए जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि कब्जाधारियों को पिछले एक साल में कई बार नोटिस दिया गया। मुनादी कराकर भी कब्जा खाली करने को कहा गया, लेकिन वे नहीं माने। ऐसे में बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करनी पड़ी।
हालांकि, विरोध कर रहे परिवारों का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और अचानक बुलडोजर लेकर कार्रवाई कर दी गई।
विकास परियोजनाओं में आ रही थी बाधा
प्रभाकर सिंह ने बताया कि कब्जा हटाने का कदम इसलिए जरूरी था क्योंकि जमीन पर कब्जे के चलते गोमती नगर विस्तार योजना की कई विकास परियोजनाएं अटकी हुई थीं। सड़क, सीवर लाइन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं पर कब्जा बाधा बन रहा था।
20 करोड़ की जमीन खाली कराई
खाली कराई गई जमीन का वर्तमान मूल्य करीब 20 करोड़ रुपए आंका गया है। यह जमीन एक बीघा 6 बिस्वा क्षेत्रफल में फैली हुई है और गोमती नगर विस्तार योजना के तहत कमर्शियल प्लॉट के रूप में चिन्हित है। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि अर्जन की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई थी और मुआवजा भी दे दिया गया था।
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
कार्रवाई के दौरान महिलाओं को हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। विरोध कर रहे लोगों ने एलडीए और पुलिस टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हालांकि, प्रशासन ने साफ कहा कि अवैध कब्जे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।



