लखनऊ। लखनऊ में एक सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात लगभग 1 घंटे तक प्रभावित रहा।
हादसे में युवक की मौत, परिजनों ने FIR की मांग की
बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र के बाबा पुरवा गांव निवासी 32 वर्षीय ललित की बुधवार शाम सड़क हादसे में मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उनका आरोप था कि हादसे के जिम्मेदार ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई और न ही उसे गिरफ्तार किया गया है।
SHO के बल प्रयोग की कोशिश से भड़की भीड़
गांव के लोगों ने शव के साथ लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान जब बीकेटी थाना प्रभारी ने बलपूर्वक जाम खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ और भड़क गई। पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
स्थिति बिगड़ने पर ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को हटाया।
दोनों लेन पर लगा जाम, एम्बुलेंस भी फंसी
प्रदर्शनकारियों ने हाईवे की दोनों लेन जाम कर दीं—लखनऊ आने और सीतापुर जाने वाली सड़क पूरी तरह बंद हो गई। करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रहीं। लगभग एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया।
मृतक परिवार का दर्द
मृतक ललित के परिवार में पत्नी रानी, बेटे मयंक (10), अहम (6) और एक साल की बेटी वर्षा है। परिजन का कहना है कि जब तक आरोपी ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।



