गोंडा। पड़ोसी जिले बाराबंकी में सोमवार देर रात बड़ा हादसा हो गया, जब अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस पर अनियंत्रित ट्रक आकर गिर गया। इस हादसे का सीधा असर गोंडा-लखनऊ रेल रूट पर देखने को मिला, जिसके कारण गोंडा रेलवे स्टेशन पर अचानक देर रात से लेकर सुबह तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही।
रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक 6 से अधिक ट्रेनें गोंडा स्टेशन पर रोक दी गईं। इनमें सप्त क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल थीं, जो बाद में अपने तय समय से 3-4 घंटे की देरी से रवाना हो सकीं।
स्टेशन पर यात्रियों का भारी जमावड़ा, रात भर इंतजार
रेल रूट बाधित होने के कारण गोंडा स्टेशन पर देर रात अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कई यात्री ट्रेन से उतरकर स्टेशन परिसर में ही जमीन पर, कुर्सियों पर या अपने सामान पर सिर टिकाकर सोते हुए नजर आए।
यात्रियों ने बताया कि वे घंटों तक ट्रेनों के चलने का इंतजार करते रहे, लेकिन देरी की वजह से उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
रातभर चला रूट बहाली का काम
बाराबंकी हादसे के बाद रेलवे विभाग द्वारा तुरंत रूट बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया। गोंडा से एआरटी (Accident Relief Train) टीम भी मौके पर भेजी गई, जिसने राहत व बचाव कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गोंडा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के प्रभारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि ट्रक गिरने की वजह से रूट प्रभावित हुआ था, जिसके चलते कई ट्रेनों को गोंडा स्टेशन पर ही रोकना पड़ा।
उन्होंने कहा,
“स्टेशन पर रुके यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई। सुबह 4 बजे से ट्रेनों को धीरे-धीरे उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है।”
नाराज दिखे यात्री
ट्रेनों में लंबी देरी के कारण यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई यात्रियों ने कहा कि अचानक घटनाक्रम की वजह से उनके आगे के कार्यक्रम प्रभावित हो गए।
रेलवे विभाग ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे हादसों में त्वरित प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।



