गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा दुर्जनपुर घाट बाजार स्थित आर्यस मेमोरियल विद्यालय में गायत्री संस्थान द्वारा नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को धूम्रपान, मदिरा और अन्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर सर्वप्रथम श्रीराम शर्मा आचार्य और गायत्री माता के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया और विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों को नशा से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया।
गायत्री संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि धूम्रपान और शराब का सेवन न केवल शरीर को कमजोर करता है, बल्कि व्यक्ति की सोच और व्यवहार पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को मानसिक रूप से कुंठित कर देता है, जिससे वह परिवार और समाज में सही-गलत का निर्णय लेने में असमर्थ हो जाता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संयमित जीवनशैली अपनाने से व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है और मानसिक स्थिति भी संतुलित बनी रहती है। संस्थान ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय के शिक्षकों व छात्रों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
दुर्जनपुर घाट में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण समाज में नशा मुक्ति का मजबूत संदेश देने में सफल रहा। ऐसे प्रयास समाज को स्वस्थ और सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



