गोंडा। गोंडा जिले के निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर आज लखनऊ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ कोर्ट नंबर 7 में इस मामले की सुनवाई करेगी। अदालत ने पहले ही सरकार को मामले में अपना ब्योरा दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था।
कोर्ट ने इससे पहले 4 नवंबर को सरकार द्वारा विवरण दाखिल न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और सोमवार तक अंतिम समय तय किया था। इससे पहले भी 28 नवंबर को कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन 2 दिसंबर और 4 दिसंबर को भी सरकार जवाब दाखिल नहीं कर सकी थी, जिसके चलते सुनवाई टलती रही।
निलंबित बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने अपनी याचिका में अपने निलंबन आदेश को रद्द करने और उन्हें पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग की है। उन्हें रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित किया गया था।
शिकायतकर्ता मनोज कुमार पांडे ने आरोप लगाया था कि स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के टेंडर को लेकर उनसे 22 लाख रुपये की रिश्वत ली गई। आरोप यह भी है कि रिश्वत देने के बावजूद उन्हें काम नहीं दिया गया और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।
इस मामले में अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों के खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है। शासन ने 11 नवंबर को उन्हें निलंबित किया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। अब हाईकोर्ट की सुनवाई से इस मामले में अहम मोड़ आने की संभावना है।
निलंबित बीएसए अतुल कुमार तिवारी के मामले में आज की सुनवाई अहम मानी जा रही है, क्योंकि सरकार को अंतिम अवसर दिया जा चुका है। अब कोर्ट के निर्णय से यह तय होगा कि निलंबन जारी रहेगा या राहत मिल पाएगी।



