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Europe Flight Bomb Threat: आसमान में उड़ते विमानों को कौन बना रहा निशाना? बम की धमकी मिलते ही फ्रांस के मिलिट्री बेस पर उतारा गया विमान, कई देशों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली/पेरिस: यूरोप में यात्री विमानों को लगातार मिल रही बम की धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को एक बार फिर आसमान में उड़ रहे यात्री विमान को बम की धमकी मिली। इसके बाद विमान का रास्ता बदलना पड़ा और उसे फ्रांस के एक सैन्य एयरबेस पर सुरक्षित उतारा गया। इस घटना के बाद यूरोप के कई देशों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यूरोप में उड़ान भरने वाले विमानों को लगातार कौन निशाना बना रहा है? क्या ये अलग-अलग शरारतें हैं या फिर इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है? फिलहाल इन घटनाओं की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है और अधिकारियों ने किसी देश या संगठन को दोषी नहीं ठहराया है।

डबलिन से रोम जा रही फ्लाइट को मिली बम की धमकी

ताजा मामला आयरलैंड की एयरलाइन एर लिंगस की फ्लाइट से जुड़ा है। यह विमान डबलिन से इटली की राजधानी रोम जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान को बम की धमकी मिलने की सूचना सामने आई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान के पायलट ने अपना निर्धारित रास्ता बदल दिया। इसके बाद विमान को फ्रांस के नॉर्मंडी क्षेत्र में स्थित एव्रू सैन्य एयरबेस की ओर मोड़ दिया गया।

विमान ने वहां सुरक्षित लैंडिंग की। इस फ्लाइट में कुल 151 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

लैंडिंग के बाद फ्रांस की बम निरोधक टीम ने विमान की जांच शुरू की। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के कार्यालय ने भी बताया कि सरकार इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

आसमान में विमान ने बदला रास्ता, फाइटर जेट भी आया चर्चा में

विमान की उड़ान पर नजर रखने वाले फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों में भी इसका बदला हुआ रास्ता दिखाई दिया। विमान ने पेरिस के आसपास अपना मार्ग बदला और कुछ समय तक चक्कर लगाने के बाद एव्रू की तरफ बढ़ा।

सैन्य एयरबेस पर विमान उतारने का फैसला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया। ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विमान को सामान्य एयरपोर्ट के बजाय विशेष सुरक्षा व्यवस्था वाले स्थान पर भी उतारा जा सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यूरोप के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाले विमानों की सुरक्षा को लेकर कितनी बड़ी चुनौती पैदा हो रही है।

सिर्फ एक विमान नहीं, कई देशों की उड़ानों को मिल चुकी हैं धमकियां

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे चिंताजनक बात यह है कि बम की धमकियों का सिलसिला केवल एक विमान तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी यूरोप के अलग-अलग देशों में कई यात्री विमानों को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।

इन घटनाओं में रायनएयर, विज एयर, स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस और पोलिश एयरलाइन LOT की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

कुछ प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

  • हंगरी: लंदन के ल्यूटन एयरपोर्ट से बुल्गारिया जा रही विज एयर की फ्लाइट को 2 नवंबर को बम की धमकी के बाद बुडापेस्ट की ओर मोड़ना पड़ा। हंगरी के ग्रिपेन लड़ाकू विमान ने इसे सुरक्षित उतारने में सहायता की।

  • पोलैंड: वारसॉ पहुंचने वाली उड़ानों को धमकी मिलने के बाद विमानों की सुरक्षा जांच की गई। एक एयरपोर्ट पर परिचालन भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।

  • इटली: रोम जाने वाली रायनएयर की उड़ान को सुरक्षा चेतावनी के बाद इतालवी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया।

  • स्पेन: मैनचेस्टर से मर्सिया जा रही उड़ान को बम की चेतावनी के बाद आपात सुरक्षा प्रक्रिया के तहत उतारा गया।

  • बुल्गारिया: सोफिया पहुंचने वाली कई उड़ानों को भी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा।

इन घटनाओं में पहले जांचे गए विमानों में विस्फोटक नहीं मिले। हालांकि, हर नई धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।

आखिर कौन कर रहा है विमानों को निशाना?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद अभी तक किसी संगठन ने इनकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि इन घटनाओं का आपस में कोई संबंध है या नहीं।

यूरोप में इन धमकियों को संभावित हाइब्रिड हमलों और जानबूझकर पैदा की जा रही अव्यवस्था के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हाइब्रिड हमले ऐसी गतिविधियां होती हैं, जिनमें साइबर हमले, दुष्प्रचार, धमकियों और अन्य तरीकों से किसी देश या व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं हुआ है कि सभी बम धमकियों के पीछे एक ही समूह या किसी विदेशी देश का हाथ है।

जांच एजेंसियां धमकी भेजने वाले स्रोत, संचार माध्यमों और घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।

क्या यात्रियों को डरने की जरूरत है?

लगातार मिल रही धमकियों से यात्रियों के मन में डर पैदा होना स्वाभाविक है। हालांकि, विमानन सुरक्षा एजेंसियों के पास ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रोटोकॉल मौजूद हैं।

किसी विमान को धमकी मिलने पर सबसे पहले खतरे का आकलन किया जाता है। जरूरत पड़ने पर विमान का रास्ता बदला जाता है, उसे सुरक्षित स्थान पर उतारा जाता है और यात्रियों को बाहर निकालकर विमान, सामान तथा अन्य संबंधित हिस्सों की जांच की जाती है।

यूरोपीय अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग देशों की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

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