गोंडा। जिले में सरकारी योजनाओं की खराब रैंकिंग और लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने विकास कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।
बैठक के दौरान कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक रैंकिंग में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पीएम सूर्य घर योजना में लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान नगर पंचायत खरगूपुर, तरबगंज, मनकापुर और नगर पालिका नवाबगंज की प्रगति बेहद खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिशासी अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद इन निकायों की प्रगति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है।
छात्रवृत्ति योजना में देरी पर सख्त चेतावनी
छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत डाटा फॉरवर्डिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि 30 दिसंबर तक सभी कॉलेजों द्वारा शत-प्रतिशत डाटा फॉरवर्ड किया जाए।
उन्होंने साफ कहा कि—
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सरकारी कॉलेजों में समय पर कार्य न करने पर नोडल अधिकारी का वेतन रोका जाएगा,
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जबकि निजी कॉलेजों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीएम डैशबोर्ड पर सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित कार्यों को समयबद्ध, शत-प्रतिशत और सही फीडिंग के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खराब रैंकिंग जिले की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और जमीनी स्तर पर कार्य में सुधार लाने पर विशेष जोर देने को कहा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, उप निदेशक कृषि, डीपीआरओ, जिला प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, डीसी उद्योग बाबूराम, सहायक पर्यटन अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी, सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत, और नेडा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम डैशबोर्ड पर जिले की खराब रैंकिंग को लेकर गोंडा प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि अब लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। वेतन रोकने जैसे कदमों से अधिकारियों पर दबाव बढ़ा है और आने वाले दिनों में योजनाओं की प्रगति में सुधार की उम्मीद की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि काम नहीं तो कार्रवाई तय है।



