गोंडा। जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के बेलसर ब्लॉक अंतर्गत निहालपुर ग्राम पंचायत में बुधवार देर शाम एक फूस के मकान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। अज्ञात कारणों से लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरा घर जलकर राख हो गया। इस अग्निकांड में राम आसरे पाल की पूरी गृहस्थी नष्ट हो गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
अचानक उठीं लपटें, मचा हड़कंप
घटना रात करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राम आसरे पाल अपने मकान के सामने बैठे थे, तभी उन्होंने घर के पिछले हिस्से से धुआं और लपटें उठती देखीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, तब तक आग तेजी से पूरे फूस के मकान में फैल चुकी थी।
फूस और लकड़ी से बने मकान में आग ने तेजी से पकड़ बनाई। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें आसमान छूने लगीं और आसपास के घरों तक पहुंचने का खतरा उत्पन्न हो गया।
फायर ब्रिगेड को सूचना, फिर भी नहीं पहुंची दमकल
ग्रामीणों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक दमकल टीम मौके पर नहीं पहुंची। गांव के लोगों ने बाल्टियों और पाइप के सहारे पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों की एकजुटता और प्रयासों से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर दमकल पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था। घटना को लेकर गांव में रोष का माहौल है।
लाखों की गृहस्थी जलकर नष्ट
इस अग्निकांड में घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और जरूरी दस्तावेज सब कुछ जलकर खाक हो गया। पीड़ित राम आसरे पाल के अनुसार उनकी वर्षों की जमा पूंजी और पूरी गृहस्थी इस आग में स्वाहा हो गई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
गांव के लोगों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है।
प्रशासन और पुलिस ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही तरबगंज तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की। अधिकारियों ने स्थानीय लेखपाल और कानूनगो को तत्काल रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
तरबगंज थाना अध्यक्ष कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।
बड़ा हादसा टला
स्थानीय लोगों के अनुसार मकान के अंदर गैस सिलेंडर नहीं था, अन्यथा आग और भी भयानक रूप ले सकती थी। आसपास के घर भी फूस के बने हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बना हुआ था। ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़े हादसे को टाला जा सका।
ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। फूस और कच्चे मकानों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बड़ी तबाही का कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में प्राथमिक स्तर पर अग्निशमन उपकरण और जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है।
तरबगंज के निहालपुर गांव में हुआ यह अग्निकांड एक गरीब परिवार के लिए जीवन भर की कमाई को राख में बदल देने वाला साबित हुआ। समय पर दमकल न पहुंच पाने के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कितनी शीघ्र और पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और त्वरित राहत व्यवस्था की जरूरत एक बार फिर उजागर हुई है।



