गोंडा। गोंडा जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। यह कार्यालय वर्तमान में कंपोजिट विद्यालय, जानकी नगर से संचालित हो रहा है। अब इसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पंतनगर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यह मुद्दा तरबगंज से भाजपा विधायक प्रेम नारायण पांडे ने विधानसभा की प्राक्कलन समिति में उठाया था। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल परिसर से कार्यालय संचालित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिक्षा निदेशक ने दिए कार्रवाई के निर्देश
विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने गोंडा के वित्त एवं लेखा अधिकारी को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और कार्यालय स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

लंबे समय से चल रही थी मांग
दरअसल, इस कार्यालय को स्थानांतरित करने की मांग काफी समय से चल रही थी। पूर्व जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने भी इस संबंध में प्रयास किए थे, लेकिन उस समय कार्यालय का स्थानांतरण संभव नहीं हो पाया था।
अब विधायक के हस्तक्षेप और समिति के निर्देशों के बाद प्रक्रिया ने फिर से गति पकड़ ली है।
बच्चों की पढ़ाई पर असर का तर्क
विधायक प्रेम नारायण पांडेय का कहना है कि जब बीएसए कार्यालय परिसर में भवन उपलब्ध है, तो फिर विद्यालय परिसर में कार्यालय चलाने की आवश्यकता नहीं है। इससे छात्रों की पढ़ाई और स्कूल के वातावरण पर असर पड़ता है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
गोंडा के वित्त एवं लेखाधिकारी संजय चतुर्वेदी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें शिक्षा निदेशक का पत्र प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय स्थानांतरण के संबंध में वित्त एवं लेखा अधिकारी को निर्देश दिए जा चुके हैं और संबंधित कार्यालय का निरीक्षण भी किया गया है। जल्द ही स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
गोंडा में लेखाकार्यालय के स्थानांतरण का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा विधायक के हस्तक्षेप और शिक्षा निदेशक के निर्देशों के बाद प्रक्रिया तेज हो गई है।
यदि कार्यालय को बीएसए परिसर में शिफ्ट किया जाता है, तो विद्यालय परिसर में पढ़ाई का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रक्रिया को कितनी जल्द अमल में लाता है।



