परसपुर थाने में ‘सीनियरिटी’ बेअसर? जूनियर SI कमल शंकर चतुर्वेदी को फिर सौंपी गई कमान, विभाग में तेज हुई चर्चा

गोण्डा। जनपद पुलिस महकमे में एक अहम प्रशासनिक फेरबदल ने चर्चाओं को हवा दे दी है। उपनिरीक्षक (SI) कमल शंकर चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर परसपुर थाने की कमान सौंप दी गई है। यह आदेश पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा जारी किया गया है।

स्थानांतरण आदेश संख्या एसटी-टी-4/2026, दिनांक 16 फरवरी 2026 के तहत जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय जनपदीय स्थानांतरण बोर्ड की संस्तुति पर प्रशासनिक हित में लिया गया है।


कहां से हटाकर कहां भेजा गया?

आदेश के अनुसार—

  • वर्तमान तैनाती: थाना कोतवाली देहात, गोण्डा

  • नई तैनाती: थाना परसपुर, गोण्डा

उपनिरीक्षक कमल शंकर चतुर्वेदी को निर्देशित किया गया है कि वे बिना विलंब नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी अनुपालन आख्या गोपनीय शाखा में प्रस्तुत करें।


‘सीनियरिटी’ पर उठे सवाल

पुलिस महकमे के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, परसपुर थाने की कमान को लेकर सीनियर अधिकारियों के नाम भी चर्चा में थे। ऐसे में अपेक्षाकृत जूनियर अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि आधिकारिक आदेश में कहीं भी सीनियरिटी या अन्य कारणों का उल्लेख नहीं है और इसे पूरी तरह “प्रशासनिक हित” में लिया गया निर्णय बताया गया है।


संवेदनशील क्षेत्र में रणनीतिक तैनाती?

परसपुर थाना क्षेत्र को जनपद का संवेदनशील इलाका माना जाता है, जहां समय-समय पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां सामने आती रही हैं। सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से यह रणनीतिक बदलाव किया गया है।

प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी त्योहारों, संभावित जनसभा कार्यक्रमों और क्षेत्रीय गतिविधियों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


एसपी ने जारी किया स्पष्ट आदेश

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन किया जाए। संबंधित अधिकारी को नई तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के बाद इसकी सूचना गोपनीय शाखा को उपलब्ध करानी होगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जनपद गोण्डा में पुलिस विभाग में कई स्तरों पर फेरबदल देखने को मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की कोशिश की जा रही है।


जिले में तबादलों का दौर जारी

पिछले कुछ सप्ताह में निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर पर कई अधिकारियों के स्थानांतरण हुए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यह प्रक्रिया नियमित प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और थानों की कार्यक्षमता बढ़ाना है।

Parsapur Thana SI Transfer 2026 के तहत उपनिरीक्षक कमल शंकर चतुर्वेदी को परसपुर थाने की कमान सौंपना भले ही एक नियमित प्रशासनिक निर्णय हो, लेकिन संवेदनशील क्षेत्र में नई तैनाती और सीनियरिटी को लेकर उठ रही चर्चाओं ने इसे खास बना दिया है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई तैनाती के बाद क्षेत्र की कानून-व्यवस्था में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं और पुलिस प्रशासन अपनी रणनीति में कितना सफल साबित होता है।

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