गोंडा। गोंडा जिले के 151 परीक्षा केंद्रों पर आज यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की अंग्रेजी परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। द्वितीय पाली में हुई इस परीक्षा में कुल 45,618 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। जिला प्रशासन ने नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है।
यह परीक्षा Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।
अतिसंवेदनशील घोषित गोंडा, विशेष निगरानी
जिला प्रशासन ने गोंडा को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा है। इसी के चलते परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और तलाशी की प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया गया है।
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14 परीक्षा केंद्र संवेदनशील घोषित
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3 परीक्षा केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में
इन केंद्रों पर जिला प्रशासन के साथ-साथ Uttar Pradesh Special Task Force (UPSTF) और Local Intelligence Unit (LIU) की भी विशेष नजर बनी हुई है।
प्रवेश से पहले सघन तलाशी
परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र और आधार कार्ड के अलावा कोई अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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बालिकाओं की तलाशी महिला अध्यापिकाओं द्वारा
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बालकों की तलाशी पुरुष अध्यापकों द्वारा
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दोपहर 2:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति
हर केंद्र पर सघन चेकिंग के बाद ही छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

प्रशासनिक तैयारियां
परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैनाती की गई है:
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151 स्टैटिक मजिस्ट्रेट
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18 सेक्टर मजिस्ट्रेट
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4 जोनल मजिस्ट्रेट
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151 केंद्र व्यवस्थापक
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151 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक
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4,700 कक्ष निरीक्षक
इस बार परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी कक्ष निरीक्षकों को पहली बार QR कोड युक्त परिचय पत्र जारी किए गए हैं, जिससे उनकी पहचान और निगरानी आसान हो सके।
CCTV कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग
सभी 151 केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जिला स्तरीय CCTV कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा में इंटरमीडिएट की अंग्रेजी परीक्षा को लेकर प्रशासन ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad की परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए STF, LIU और स्थानीय प्रशासन मिलकर निगरानी कर रहे हैं।
45 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।




