गोंडा। देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में शामिल 1947 के विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को गोंडा के टॉमसन हॉल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों, विस्थापित परिवारों और उस दौर की कठिन परिस्थितियों को याद किया गया।
कार्यक्रम में कर्नैलगंज विधायक अजय सिंह ने सहभागिता की और विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले असंख्य निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक दौर को याद करने का उद्देश्य समाज में नफरत बढ़ाना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है।
मौन जुलूस में याद की गईं विभाजन की पीड़ाएं
स्मृति दिवस के अवसर पर मौन जुलूस भी निकाला गया। हाथों में तिरंगा लेकर लोग गंभीर भाव के साथ जुलूस में शामिल हुए। जुलूस के दौरान विभाजन के समय अपने घर, जमीन, संपत्ति और अपनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा को याद किया गया।
मौन जुलूस का वातावरण बेहद गंभीर रहा। लोगों ने बिना किसी नारेबाजी के मौन रहकर उन नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी के दौरान अपनी जान गंवाई।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि विभाजन की घटनाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि वे इतिहास के उस दौर की परिस्थितियों और उससे मिलने वाली सीख को समझ सकें।

प्रत्यक्षदर्शियों के सम्मान ने किया भावुक
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल उस समय आया जब विभाजन की त्रासदी को स्वयं झेलने वाले लोगों का सम्मान किया गया।
गोंडा सदर के पूर्व विधायक तुलसीराय चंदानी, मंजीत सिंह छाबड़ा और हरजीत सिंह छाबड़ा का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। विभाजन से जुड़ी उनकी स्मृतियों और अनुभवों को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भावुक हो उठे।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी उस दौर की कठिनाइयों, विस्थापन और संघर्ष की बातें सुनना उपस्थित लोगों के लिए इतिहास को करीब से महसूस करने जैसा रहा। उनके अनुभवों ने यह याद दिलाया कि विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं के बदलने की घटना नहीं थी, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी भी थी।

अजय सिंह ने दिया एकता का संदेश
कर्नैलगंज विधायक अजय सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उस दौर की पीड़ा और बलिदान को याद करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर और अपनी मातृभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इतिहास के इस अध्याय से सीख लेते हुए आज देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
विधायक ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता में है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह आपसी भाईचारे, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करे।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद
संगोष्ठी में प्रदेश मंत्री अवधेश श्रीवास्तव, भाजपा जिला अध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी, गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी, जिला महामंत्री राकेश तिवारी, विष्णु प्रताप नारायण सिंह, जिला महामंत्री आशीष त्रिपाठी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष विद्याभूषण द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष नीरज मौर्य, जिला उपाध्यक्ष वंदना गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष संदीप गुप्ता और नगर पंचायत परसपुर अध्यक्ष वासुदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि विभाजन की पीड़ा को केवल इतिहास की एक घटना मानकर भूलना नहीं चाहिए। इससे मिलने वाली सीख को वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण में उपयोग किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत रखना ही उन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी में अपना जीवन और सब कुछ खो दिया।
अंत में विधायक अजय सिंह ने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक मजबूत, समरस और अखंड भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।



