गोण्डा: पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में गोण्डा पुलिस ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मिशन शक्ति को एक नई दिशा दी है। महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल करते हुए पुलिस ने 80 स्कूलों/कॉलेजों/आंगनबाड़ियों में अभियान चलाकर छात्राओं व महिलाओं से 2000 से अधिक फीडबैक फॉर्म प्राप्त किए।
इन सुझावों के आधार पर थानावार विश्लेषण कर 129 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए जहाँ अक्सर शोहदों की हरकतें सामने आती हैं — जैसे मॉल, मंदिर, गली-मोहल्ले, स्कूल-कॉलेज के आसपास के क्षेत्र। चिन्हित क्षेत्रों में एंटी रोमियो स्क्वाड ने सक्रियता दिखाई और अब तक 63 मनचलों को रेड कार्ड जारी किया गया है।

रेड कार्ड का मतलब है – अंतिम चेतावनी। यदि ये युवक दोबारा इस प्रकार की हरकत करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। सभी विवरण एक निर्धारित प्रारूप में दर्ज कर थानों में सुरक्षित रखे जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी कार्यवाही के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।
अभियान की नोडल अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक सुश्री शिल्पा वर्मा को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि फीडबैक लेने का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि किन स्थानों पर छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं, और वहीं पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करना।
इस अभियान के तहत पुलिस अधिकारी छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, डायल 112, और एंटी रोमियो स्क्वाड जैसी सेवाओं की जानकारी भी दे रहे हैं, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
✅ यह पहल क्यों खास है?
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✅ महिलाओं की सीधी भागीदारी
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✅ डेटा आधारित संवेदनशील स्थानों की पहचान
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✅ पहली बार रेड कार्ड सिस्टम का सघन प्रयोग
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✅ सशक्त और जागरूक समाज की ओर कदम



