गोंडा में मिठाई खरीदने से पहले जरूर देखें ये तारीख! 15 अक्टूबर से लागू हुआ नया नियम, दुकानदारों की बढ़ेगी जवाबदेही

गोंडा: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ जाती है। घरों में खाने से लेकर रिश्तेदारों को उपहार देने तक, मिठाइयां हर खुशी का हिस्सा होती हैं। लेकिन मिठाई कितनी पुरानी है और उसे कितने समय तक खाना उचित है, इसकी जानकारी ग्राहकों को हमेशा आसानी से नहीं मिल पाती। इसी समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश में नया नियम लागू किया गया है।

15 अक्टूबर 2026 से राज्य में बिक्री के लिए प्रदर्शित और भंडारित मिठाइयों पर उनकी ‘यूज बाय डेट’ यानी इस्तेमाल की अंतिम तारीख स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य है। यह व्यवस्था खुली मिठाइयों पर भी लागू होती है। इसका मतलब है कि गोंडा में भी मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों को दुकानों पर रखी मिठाइयों की उपयोग अवधि की जानकारी मांगने और देखने का अधिकार मिलेगा।

अब सिर्फ पैकेट ही नहीं, खुली मिठाइयों पर भी ध्यान

पहले से पैक मिठाइयों पर खाद्य लेबलिंग से जुड़े नियम लागू रहे हैं, लेकिन खुली मिठाइयों की ट्रे या काउंटर पर उनकी उपयोग अवधि की जानकारी हर जगह स्पष्ट नहीं दिखाई देती थी। ऐसे में ग्राहक अक्सर मिठाई की ताजगी को देखकर या दुकानदार से पूछकर ही खरीदारी करते थे।

नई व्यवस्था के तहत बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों पर भी इस्तेमाल की अंतिम तारीख प्रदर्शित करनी होगी। इससे ग्राहक खरीदारी करते समय यह समझ सकेंगे कि संबंधित मिठाई को किस तारीख तक इस्तेमाल करना उचित है। यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बड़ी मात्रा में मिठाई खरीदते हैं या उसे कुछ समय बाद खाने के लिए रखते हैं।

मिठाई कितने दिन तक इस्तेमाल योग्य रहेगी?

इस नियम की एक अहम बात यह है कि सभी मिठाइयों के लिए एक ही एक्सपायरी अवधि तय नहीं की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के निर्देशों के मुताबिक, मिठाई की प्रकृति, उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, बनाने की प्रक्रिया और भंडारण की परिस्थितियों के आधार पर उसकी उपयोग अवधि तय की जाएगी।

अलग-अलग मिठाइयों की अवधि एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर मिठाई 30 दिन तक सुरक्षित रहेगी। दूध या खोया आधारित मिठाइयों की उपयोग अवधि और सूखी मिठाइयों की अवधि अलग हो सकती है। सही अवधि तय करने की जिम्मेदारी संबंधित खाद्य कारोबारी की होगी।

दुकानदारों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी

नई व्यवस्था केवल तारीख लिखने तक सीमित नहीं है। दुकानदारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि घोषित उपयोग अवधि के दौरान मिठाई निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहे। यदि किसी मिठाई की उपयोग अवधि पांच दिन तय की गई है, तो कारोबारी को भंडारण और रखरखाव का उचित इंतजाम करना होगा, ताकि उस अवधि में उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहे।

नियम का उद्देश्य दुकानदारों पर अनावश्यक दबाव बनाना नहीं, बल्कि ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देना और खाद्य कारोबार में जवाबदेही बढ़ाना है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। कार्रवाई की प्रकृति मामले और लागू प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

गोंडा के ग्राहकों को खरीदारी के समय क्या करना चाहिए?

मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को अब कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, दुकान में मिठाई की ट्रे या काउंटर पर प्रदर्शित ‘यूज बाय डेट’ देखें। यदि तारीख दिखाई नहीं दे रही है, तो दुकानदार से उसकी जानकारी मांगें। पैक्ड मिठाई खरीदते समय पैकेट पर लिखी तारीख और अन्य लेबलिंग जानकारी भी पढ़ें।

इसके अलावा मिठाई की गंध, रंग और बनावट में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर उसे खरीदने से बचें। केवल तारीख देखकर ही गुणवत्ता का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता, क्योंकि भंडारण की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी उत्पाद को गलत तरीके से रखा गया है, तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर जोर

उत्तर प्रदेश में यह कदम खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने की व्यापक पहल का हिस्सा है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अधिक होने से निर्माण, भंडारण और बिक्री पर निगरानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। तारीख प्रदर्शित होने से ग्राहकों को बेहतर जानकारी मिलेगी और दुकानदारों की जिम्मेदारी अधिक स्पष्ट होगी।

गोंडा के ग्राहकों के लिए सबसे अहम बात यही है कि मिठाई खरीदते समय उसकी उपयोग अवधि जरूर जांचें। वहीं दुकानदारों को भी नियम के अनुरूप तारीख प्रदर्शित करने और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान देना होगा। इससे खरीदारी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

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