गोंडा (उत्तर प्रदेश) : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में गोंडा शहर के व्यापारी और स्थानीय नागरिक एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। गोंडा सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन और शहरवासियों के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार देर रात एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
श्रीराम मंदिर से शुरू होकर घंटाघर तक पहुंचा मार्च
यह शांतिपूर्ण मार्च श्रीराम मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर चौक पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर आतंकी हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और जोरदार “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
व्यापारियों का ऐलान – आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ हैं
कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे व्यापारी नेताओं ने कहा कि पूरा व्यापारी समाज सरकार और सुरक्षाबलों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, “देश के खिलाफ की जाने वाली हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हम एकजुट हैं।”
बच्चों और महिलाओं की भी रही भागीदारी
मार्च में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। देशभक्ति के गीतों और नारों से माहौल पूरी तरह भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। इस दौरान शहीदों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
शांति और एकजुटता का संदेश
गोंडा शहर से निकले इस कैंडल मार्च ने यह संदेश दिया कि देश के किसी भी कोने में होने वाले हमले को हर नागरिक अपनी पीड़ा समझता है। यह प्रदर्शन देश की एकता, अखंडता और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बन गया।
निष्कर्ष
गोंडा का यह कैंडल मार्च न सिर्फ श्रद्धांजलि का प्रतीक था, बल्कि यह चेतावनी भी था कि अब देश का हर नागरिक जागरूक है और आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को अब भारत सहन नहीं करेगा।



