गोंडा (उत्तर प्रदेश) : करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में तैनात चौकी प्रभारी सोम प्रताप सिंह और मुख्य आरक्षी संजय कुमार सिंह को रिश्वत मांगने के वायरल ऑडियो के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई आईजी देवी पाटन रेंज अमित पाठक के निर्देश पर गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने की है।
4 दिसंबर 2024 की है घटना, ऑडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
घटना 4 दिसंबर की बताई जा रही है, जब मोहल्ला गाड़ी बाजार के एक नागरिक से पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगी गई थी। इस दौरान हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
वायरल ऑडियो में खुले तौर पर की गई थी पैसों की मांग
सोशल मीडिया पर तेजी से फैले ऑडियो में चौकी प्रभारी और मुख्य आरक्षी द्वारा एक पक्ष से ‘समझौते’ के नाम पर पैसों की मांग करते सुना गया। इस वायरल ऑडियो ने पुलिस विभाग की छवि को बट्टा लगाया, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की गई।
आईजी के निर्देश, एसपी की सख्ती से हुई कार्रवाई
आईजी देवी पाटन रेंज अमित पाठक ने वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एसपी गोंडा विनीत जायसवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भविष्य में और भी होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यदि विभाग में इस प्रकार की किसी और घटना की पुष्टि होती है तो उसमें भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना दें, विभाग पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगा।
निष्कर्ष:
गोंडा में रिश्वतखोरी की इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस विभाग द्वारा दिखाई गई तत्परता एक सकारात्मक संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति सिर्फ शब्दों में नहीं, कार्यवाही में भी दिखनी चाहिए।



