गोण्डा में युद्धकालीन मॉकड्रिल: एयर रेड और सिविल डिफेंस अभ्यास, सुरक्षा और तत्परता की जांच

उत्तर प्रदेश : के गोण्डा जिले में बुधवार, 7 मई 2025 को एक विशेष एयर रेड और सिविल डिफेंस मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास जनपद की सुरक्षा और प्रशासनिक तत्परता की जांच के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पुलिस महानिरीक्षक देवी पाटन परिक्षेत्र गोण्डा श्री अमित पाठक, जिलाधिकारी श्रीमती नेहा शर्मा और पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल के नेतृत्व में यह मॉकड्रिल शहीदे आजम सरदार भगत सिंह (टामसन) इंटर कॉलेज में सम्पन्न हुआ।


मॉकड्रिल में प्रशासनिक और सुरक्षा बलों की सहभागिता

मॉकड्रिल में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री राधेश्याम राय नोडल अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। इस अभ्यास में विभिन्न विभागों ने सहभागिता निभाई:

  • पुलिस और सुरक्षा बल: शहर की सुरक्षा और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना।

  • अग्निशमन विभाग: आग बुझाने और आपातकालीन स्थिति में राहत कार्यों का प्रदर्शन।

  • स्वास्थ्य विभाग: प्राथमिक चिकित्सा और घायलों की देखभाल।

  • नगर निकाय और विद्युत विभाग: ब्लैकआउट का अभ्यास और बिजली आपूर्ति नियंत्रण।

  • एनसीसी, एनएसएस और सिविल डिफेंस: नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाना और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना।

  • जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण: समन्वय और संचालन की निगरानी।


मॉकड्रिल का परिदृश्य: हवाई हमला और राहत कार्य

इस मॉकड्रिल का उद्देश्य युद्धकालीन आपातकालीन स्थिति में नागरिकों और प्रशासन की तत्परता का परीक्षण करना था। परिदृश्य के अनुसार, जनपद पर दुश्मन देश द्वारा हवाई हमला होने का काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया।

समयबद्ध अभ्यास:

  • 06:00 से 06:02 बजे: हवाई हमले की चेतावनी के लिए सायरन बजाया गया।

  • 06:02 से 06:10 बजे: नागरिकों को बंकर में सुरक्षित प्रवेश कराया गया।

  • 06:10 से 06:15 बजे: हवाई हमला और गोलाबारी का ध्वनि प्रभावों द्वारा प्रदर्शन।

  • 06:15 से 06:18 बजे: युद्ध समाप्ति की घोषणा सायरन द्वारा की गई।

  • 06:18 से 06:45 बजे: अग्निशमन विभाग द्वारा आगजनी और राहत कार्यों का अभ्यास।

  • 06:45 से 07:00 बजे: स्वास्थ्य विभाग द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार।


ब्लैकआउट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा

मॉकड्रिल में बिजली बंद (ब्लैकआउट) का भी अभ्यास किया गया, जिससे नागरिकों को रात के समय अंधकार में रहने का अनुभव कराया गया। संवेदनशील स्थानों जैसे अस्पताल, थाना, संचार केन्द्रों पर सुरक्षा उपाय किए गए और नकली छावनियाँ स्थापित की गईं।


प्रशासन की अपील: मॉकड्रिल केवल अभ्यास है, दहशत न फैलाएं

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि यह मॉकड्रिल पूरी तरह से अभ्यास था और इससे किसी प्रकार की दहशत या अफवाह न फैलाएं। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रशासन की तत्परता का परीक्षण करना है।


नागरिकों के लिए युद्धकालीन एडवाइजरी:

मॉकड्रिल के बाद प्रशासन ने नागरिकों के लिए युद्धकालीन सुरक्षा सलाह जारी की:

  • शांत रहें और अफवाहों से बचें।

  • केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त सूचना पर विश्वास करें।

  • अपने घरों के आसपास के बंकर या सुरक्षित स्थानों की पहचान करें।

  • खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें, आंतरिक कमरों में शरण लें।

  • आपातकालीन किट तैयार रखें: सूखा भोजन, पानी, प्राथमिक चिकित्सा, टॉर्च, बैटरी, पहचान पत्र, नकदी और दस्तावेजों की प्रतियाँ रखें।

  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बचाव टीमों के साथ सहयोग करें।


मॉकड्रिल का प्रभाव: गोण्डा हुआ और अधिक सक्षम

पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने बताया कि यह मॉकड्रिल न केवल प्रशासनिक दक्षता का परीक्षण था, बल्कि इससे जनमानस में आपदा के प्रति जागरूकता और सतर्कता का भाव भी जागृत हुआ है। ऐसे अभ्यासों से जनपद गोण्डा अब और अधिक सक्षम और सजग हो चुका है।


निष्कर्ष

गोण्डा में आयोजित इस एयर रेड और सिविल डिफेंस मॉकड्रिल ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रशासन और नागरिक दोनों ही किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह अभ्यास न केवल प्रशासनिक तंत्र की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि जनमानस को भी आपदा प्रबंधन में सहयोग और सतर्कता का संदेश देता है।

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