गेहूं खरीद को लेकर तीन क्रय एजेंसियों को नोटिस:3 साल में अब तक सर्वाधिक 11,680 मीट्रिक टन खरीद, 49,000 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

गोंडा : जिले में इस साल सरकारी गेहूं खरीद का लक्ष्य 49,000 मीट्रिक टन तय किया गया है। हालांकि अब तक 11,680 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है, जो कि तीन वर्षों में सर्वाधिक है। लेकिन इस प्रक्रिया में सुस्ती और लापरवाही को देखते हुए तीन क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने इन एजेंसियों को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।


गेहूं खरीद में लक्ष्य और प्रगति

जिला खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, गोंडा जिले में 113 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद की जा रही है।

  • कुल लक्ष्य: 49,000 मीट्रिक टन

  • अब तक की खरीद: 11,680 मीट्रिक टन

  • सरकारी खरीद केंद्र: 113 केंद्र

  • लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष: 37,320 मीट्रिक टन


क्यों जारी हुआ नोटिस?

तीन सरकारी क्रय एजेंसियों की धीमी खरीद प्रक्रिया और किसानों की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती बरती है।

  • प्रशासन का निर्देश: खरीद प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करें।

  • किसानों की शिकायत: कई केंद्रों पर खरीद में देरी और अनियमितता।

  • नोटिस पाने वाली एजेंसियां: तीन प्रमुख क्रय एजेंसियां, जिनके प्रबंधकों को जवाबदेही तय करने को कहा गया है।


क्या हैं किसानों की समस्याएं?

गोंडा जिले के किसानों ने शिकायत की है कि कुछ क्रय केंद्रों पर:

  • खरीद में देरी: घंटों तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी गेहूं नहीं खरीदा जाता।

  • तौल में अनियमितता: किसानों को उनके गेहूं का सही वजन नहीं मिल रहा।

  • भुगतान में देरी: किसानों को भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा।


अधिकारी का बयान: खरीद प्रक्रिया में लाएंगे तेजी

जिला खाद्य एवं रसद अधिकारी आर.के. वर्मा ने कहा, “गेहूं खरीद में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी क्रय एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर खरीद लक्ष्य पूरा करें।”

उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।


किसानों के लिए क्या हैं प्रशासन की गाइडलाइंस?

  • सभी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचना है।

  • जिला प्रशासन ने क्रय केंद्रों पर तौल और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं।

  • भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।


कैसे कर सकते हैं किसान अपनी शिकायत दर्ज?

अगर किसी किसान को गेहूं बिक्री में कोई समस्या हो रही है, तो वह निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत कर सकता है:

  1. जिला खाद्य एवं रसद कार्यालय में सीधे संपर्क करें।

  2. राज्य सरकार की किसान सहायता हेल्पलाइन पर कॉल करें।

  3. निकटतम क्रय केंद्र प्रभारी को अपनी समस्या बताएं।


किसानों की प्रतिक्रिया

गेहूं खरीद प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के बावजूद कई किसानों ने सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को सराहा है।

  • किसान महेश वर्मा: “MSP पर गेहूं बेचने से हमें उचित मूल्य मिलता है, लेकिन खरीद प्रक्रिया में तेजी होनी चाहिए।”

  • किसान सुनीता देवी: “लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। अगर खरीद में तेजी हो जाए तो हमें राहत मिलेगी।”


गोंडा में गेहूं खरीद की स्थिति पर प्रशासन सतर्क

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सभी केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है और किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।

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