लखनऊ हादसे के बाद गोंडा में बसों की विशेष जांच अभियान शुरू: बिना फर्स्ट एड किट और फिटनेस पर होगी सख्त कार्रवाई

गोंडा। लखनऊ के किसान पथ पर स्लीपर बस हादसे में 5 लोगों की मौत के बाद गोंडा का परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। जिले में आज से 15 मई से 17 मई तक विशेष जांच अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान बिना फर्स्ट एड किट, फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने शुरू किया विशेष अभियान

जिला परिवहन अधिकारी (DTO) ने बताया कि यह अभियान लखनऊ हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है। इस दौरान बसों की जांच की जाएगी और जो वाहन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनका चालान किया जाएगा।

फिटनेस सर्टिफिकेट और फर्स्ट एड किट अनिवार्य

जांच के दौरान सबसे अधिक ध्यान फर्स्ट एड किट और बसों की फिटनेस पर दिया जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना फर्स्ट एड किट के कोई भी बस सड़क पर नहीं चलेगी। इसके अलावा फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता भी जांची जा रही है।

आज पहले दिन मिली कई खामियां

अभियान के पहले दिन ही कई बसों में फर्स्ट एड किट नहीं पाई गई, जिसके चलते तत्काल चालान जारी किया गया। कुछ बसों में सीटिंग क्षमता से अधिक यात्री भी पाए गए, जिन्हें वहीं उतार दिया गया।

यात्रियों से अपील

परिवहन विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि जिस बस में वे सफर कर रहे हैं, उसमें फर्स्ट एड किट और सुरक्षा उपकरण मौजूद हों। साथ ही किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली बसों को तुरंत सीज किया जाएगा।


निष्कर्ष

लखनऊ बस हादसे ने परिवहन विभाग को यात्रियों की सुरक्षा पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है। गोंडा का यह विशेष जांच अभियान अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इस तरह के सख्त कदम आवश्यक हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top