गोंडा: जन समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की कल्याणकारी योजनाओं को हर ग्रामीण तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोंडा जिले में ग्राम चौपाल 3.0 कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के नेतृत्व में यह पहल 3 जून 2025 से शुरू होगी। इस बार चार तहसीलों के कुल 40 चिन्हित गांवों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां शासन-प्रशासन की विभिन्न विभागीय टीमें ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगी।
ग्राम चौपाल की पिछली सफलताएं और 3.0 का विस्तार
नेहा शर्मा ने 2023 में जिले की कमान संभालते ही ग्राम चौपाल की शुरुआत की थी, जिसमें वे खुद गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनती और तुरंत उनका समाधान करती थीं। 2024 में इस पहल को ग्राम चौपाल 2.0 के रूप में बढ़ावा मिला और अब 2025 में ग्राम चौपाल 3.0 के तहत उन गांवों को चुना गया है, जहां IGRS पोर्टल, संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस और जनता दर्शन में बार-बार शिकायतें दर्ज हुई हैं।
समाधान शिविरों में कौन-कौन होंगे मौजूद?
ग्राम चौपाल 3.0 के शिविरों में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज और समाज कल्याण विभाग की टीमें मौजूद रहेंगी। इन शिविरों में ग्राम सभा भूमि पर अतिक्रमण, जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, नामांकन, टीकाकरण, और सार्वजनिक संपत्तियों की स्थिति जैसे मुद्दों पर खास ध्यान दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के आवेदनों को मंजूरी भी दी जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश: पूरी तैयारी के साथ करें आयोजन
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने सभी उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामवासियों को पहले से सूचना दें और विभागीय अधिकारी- कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ इन शिविरों में मौजूद रहें। यह पहल जिला प्रशासन की जन सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने और शासन की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
निष्कर्ष
गोंडा में ग्राम चौपाल 3.0 कार्यक्रम ग्रामीण जन जीवन को बेहतर बनाने और प्रशासन को जमीनी स्तर पर जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। 3 जून से शुरू होने वाले इस अभियान से जिले के ग्रामीणों को राहत मिलने के साथ ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।



