गोंडा, उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले से एक दिल दहला देने वाली धोखाधड़ी की घटना सामने आई है, जहां एक 75 वर्षीय बुजुर्ग झांगुर अपनी 6 बीघा पैतृक जमीन अपने नातियों के नाम वसीयत कराने गए थे, लेकिन मौके पर मौजूद बिचौलिए ने दस्तावेजी चालबाज़ी करके जमीन अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करवा ली।
घटना का विवरण: वसीयत के नाम पर धोखा
यह मामला वजीरगंज थाना क्षेत्र के लोहराडांड गांव का है। बुजुर्ग झांगुर अपने परिवार की सहमति से नातियों के नाम वसीयत कराना चाहते थे। इसी प्रक्रिया में उनका संपर्क बिचौलिए आशीष मिश्रा से हुआ, जिसने “कागज़ बनवाने” के बहाने झांगुर को तहसील ले जाकर रजिस्ट्री ऑफिस में दस्तावेज पर अंगूठा लगवाया।
बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया गया कि यह वसीयत की प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन कुछ दिनों बाद जब दस्तावेज सामने आए तो परिवार के होश उड़ गए। जमीन की रजिस्ट्री आशीष मिश्रा की पत्नी के नाम हो चुकी थी।
बुजुर्ग की बेबसी: खेत की मेढ़ पर बैठकर फूट-फूट कर रोया परिवार
जब यह सच्चाई सामने आई, तो झांगुर और उनका परिवार खेत की मेढ़ पर बैठकर फूट-फूटकर रो पड़ा। बुजुर्ग ने कहा कि उन्होंने जीवन भर की कमाई और अपने बच्चों के भविष्य के लिए जमीन को सुरक्षित रखना चाहा था, लेकिन विश्वासघात ने सबकुछ छीन लिया।
आरोपी की पहचान और पुलिस की भूमिका
आरोप सीधे-सीधे आशीष मिश्रा, निवासी वजीरगंज, पर लगे हैं, जिसने सरकारी प्रक्रिया का नाजायज फायदा उठाते हुए कानूनी रूप से धोखाधड़ी की।
परिवार की शिकायत पर मामला वजीरगंज थाना में दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कानूनी और सामाजिक सवाल
-
क्या तहसील के दस्तावेज़ी प्रक्रिया में कोई सरकारी मिलीभगत रही?
-
बुजुर्ग को बिना सही जानकारी दिए कानूनी दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाना सीधा धोखाधड़ी नहीं तो क्या है?
-
क्या बुजुर्गों की संपत्ति को लेकर सरकार को कोई सुरक्षा तंत्र तैयार नहीं करना चाहिए?
पीड़ित परिवार की मांग
पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है:
-
आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
-
जमीन की रजिस्ट्री को निरस्त कर संपत्ति वापस दिलाई जाए
-
बुजुर्गों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए अलग से तंत्र तैयार हो
निष्कर्ष:
यह घटना सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं, बल्कि बुजुर्गों की सुरक्षा, न्याय और पारिवारिक भरोसे पर गहरी चोट है। जिस व्यवस्था में भरोसा कर बुजुर्ग जमीन नातियों को देना चाहता था, उसी में उसे ठगा गया। सवाल अब सिर्फ न्याय का नहीं, इंसाफ के भरोसे का भी है।



