गोंडा/अयोध्या:
भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह यौन शोषण के गंभीर आरोपों से कोर्ट द्वारा बरी होने के बाद सोमवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। यहां उनके स्वागत में 1000 से अधिक समर्थक एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर तक ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ मौजूद रहे।
कोर्ट से राहत के बाद पहली बार रामलला के दरबार में पहुंचे
बृजभूषण सिंह ने पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन किए और फिर पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि परिसर, जहां उन्होंने रामलला का विधिवत पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा:
“मैं निर्दोष था और कोर्ट ने भी यह मान लिया। अब जो भी मेरा विरोध करेगा, भगवान उसे दंड देंगे। मैं सच के साथ खड़ा था, खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा।”
बृजभूषण ने कहा – ‘अब सच्चाई की जीत हुई’
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों को साजिश बताया और कहा कि यह एक षड्यंत्र था, लेकिन न्यायपालिका ने सत्य को पहचाना।
उन्होंने कहा:
“मुझे फंसाने की साजिश रची गई थी। लेकिन सत्य की जीत हुई। भगवान राम के दरबार में आज मेरी हाजिरी यही दर्शाती है कि धर्म और न्याय कभी पराजित नहीं होते।”
समर्थकों ने किया भव्य स्वागत
बृजभूषण सिंह के अयोध्या पहुंचते ही समर्थकों ने फूल-मालाएं, नारों और जयकारों से उनका स्वागत किया। इस मौके पर कई भाजपा कार्यकर्ता, संत महंत, और स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर भगवामय हो गया।
राजनीतिक संकेत भी छुपे हैं?
बृजभूषण सिंह का यह दौरा केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। हालिया राहत के बाद जिस तरह से उन्होंने विरोधियों को चेतावनी दी और भगवान को न्याय का माध्यम बताया, उससे आगामी चुनावी समीकरणों में उनकी सक्रियता बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
निष्कर्ष
बृजभूषण सिंह का यह बयान – “जो मेरा विरोध करेगा, भगवान उसे दंड देंगे” – उनके आत्मविश्वास और प्रतिक्रिया दोनों को दर्शाता है। अयोध्या में रामलला के दर्शन और समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन यह दर्शाता है कि वे आने वाले समय में फिर से राजनीतिक और सामाजिक मंच पर सक्रिय भूमिका में लौट सकते हैं।



