गोंडा: आगामी बकरीद त्योहार को लेकर गोंडा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में पीस कमेटी एवं शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारी, धर्मगुरु, और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
????♀️ शांतिपूर्ण त्योहार की अपील
बैठक में डीएम ने सभी धर्मगुरुओं और नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत हो। जो माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या उकसाने वाली पोस्ट पर निगरानी रखी जा रही है और इस पर कठोर कार्रवाई होगी।
???? प्रशासन की ओर से जारी निर्देश:
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धार्मिक स्थलों के पास कुर्बानी के अवशेष छोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित।
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खुले में कुर्बानी करने पर रोक।
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सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें या वीडियो अपलोड करने पर पूर्ण प्रतिबंध।
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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी सख्त वर्जित।
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अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की सलाह।
???? सोशल मीडिया पर सख्ती
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर कोई भी विवादास्पद या उकसावे वाली सामग्री पोस्ट न करने की चेतावनी दी है। जो ऐसा करेगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
???? अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत, पश्चिमी राधेश्याम राय, सभी उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी को अपने-अपने क्षेत्र में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
???? शांति भंग करने वालों पर पहले से नजर
डीएम ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जो लोग पूर्व में माहौल बिगाड़ने के प्रयास में शामिल रहे हैं, उन्हें पहले ही चिन्हित किया जाए और उन पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने को तैयार है।
निष्कर्ष:
जिला प्रशासन बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुका है। जनता से सहयोग की अपील की गई है ताकि यह पर्व भाईचारे, सौहार्द और कानून व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके।



