गोंडा | उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा गोंडा में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग – दर्शन कार्यक्रम रविवार को विधिवत संपन्न हो गया। यह शिविर जिले के प्रतिष्ठित जयपुरिया स्कूल परिसर में 15 दिनों तक चला, जिसमें उत्तर प्रदेश के 26 जिलों से लगभग 60,000 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
???? शिविर का उद्देश्य
संघ शिक्षा वर्ग का उद्देश्य स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समर्पण, अनुशासन, और व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाना होता है।
शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को:
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नैतिक मूल्यों पर आधारित व्याख्यान
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योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण
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संघ कार्य पद्धति की शिक्षा
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समाज में राष्ट्रभक्ति और संस्कृति के प्रचार के तरीके सिखाए गए।
????️ 26 जिलों से हजारों की संख्या में हुआ आगमन
इस कार्यक्रम में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, फैजाबाद, सुल्तानपुर, लखनऊ सहित अन्य जिलों से स्वयंसेवक शामिल हुए।
सभी स्वयंसेवकों को:
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शाखा अभ्यास
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समूह चर्चा
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शारीरिक दक्षता प्रदर्शन
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हिस्सा बनने का मौका मिला।
????️ प्रमुख वक्ताओं ने दिए प्रेरक उद्बोधन
शिविर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नियमित रूप से स्वयंसेवकों को:
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राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
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भारतीय संस्कृति का संरक्षण
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शुद्ध आचरण और समर्पण भावना जैसे विषयों पर संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि,
“संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक भारत को परम वैभव तक पहुंचाने की संकल्पना के साथ कार्य करता है।“
???? समापन अवसर पर हुआ विशेष आयोजन
शिविर के अंतिम दिन समापन समारोह का आयोजन हुआ जिसमें:
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स्वयंसेवकों द्वारा शारीरिक प्रदर्शन और व्यायाम योग
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
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देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों और शिक्षा क्षेत्र के प्रमुख लोग भी आमंत्रित थे।
???? निष्कर्ष:
RSS का यह शिविर न केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण का केंद्र रहा, बल्कि हजारों युवाओं को एक नई ऊर्जा, विचार और उद्देश्य के साथ जोड़ने वाला मंच भी बना।
गोंडा में यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक एवं वैचारिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा।
“सेवा ही संगठन है, और संगठन ही राष्ट्र शक्ति है।”



