गोंडा (उत्तर प्रदेश): के गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दरोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया दरोगा अंकित कुमार यादव धानेपुर थाने में तैनात था।
जानकारी के अनुसार, दरोगा अंकित कुमार यादव एक केस की विवेचना में मदद करने के नाम पर एक व्यक्ति से 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और उसे थाने के पास स्थित उसके प्राइवेट कमरे में पैसे लेते हुए पकड़ लिया।
टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद गोंडा जिले में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एंटी करप्शन विभाग का बयान:
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पीड़ित की लिखित शिकायत और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर की गई है। रिश्वत लेना एक गंभीर अपराध है, और विभाग ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि थाने में इस तरह की गतिविधियां आम होती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की सक्रियता से लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
निष्कर्ष:
गोंडा में दरोगा द्वारा रिश्वत लेने का यह मामला भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। यह घटना न केवल पुलिस महकमे की छवि पर सवाल खड़े करती है बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को भी उजागर करती है।



