गोंडा (उत्तर प्रदेश): गोंडा जिले की जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अपने कार्यकाल के दो सफल वर्ष 12 जून को पूरे कर लिए। नगर विकास विभाग, लखनऊ से स्थानांतरित होकर गोंडा आईं नेहा शर्मा ने अपने संकल्प, समर्पण और सिस्टमेटिक दृष्टिकोण से जिले में विकास और सुशासन की एक नई परिभाषा गढ़ी है।
स्वच्छता अभियान: एक क्रांतिकारी पहल
डीएम नेहा शर्मा की अगुवाई में स्वच्छता को मिशन मोड में चलाया गया। नगर निगम से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छता के लिए नियमित अभियान, ड्राइव और जन जागरूकता कार्यक्रमों ने गोंडा को स्वच्छ जिलों की सूची में लाने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है।
जनसंवाद बना ताकत, जनता से सीधा जुड़ाव
नेहा शर्मा ने ‘जनसंवाद’ को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का मजबूत हिस्सा बनाया। हर मंगलवार को जनता दर्शन, ग्रामीण क्षेत्रों में ऑन-स्पॉट निरीक्षण, शिकायतों का तत्काल समाधान, और सोशल मीडिया पर सक्रियता ने विश्वास का माहौल बनाया।
शिक्षा और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय कार्य
-
सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
-
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार और डिजिटल हेल्थ सर्विसेस को बढ़ावा दिया गया।
-
कुपोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में ज़मीनी काम हुआ।
तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता
-
जिला कार्यालय में कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन और पेपरलेस की गईं।
-
विकास कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल टूल्स अपनाए गए।
-
योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर निगरानी की गई और कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय की गई।
महिला नेतृत्व की मिसाल
नेहा शर्मा का कार्यकाल महिला नेतृत्व की प्रभावशीलता का प्रमाण बना है। उन्होंने जहां कर्मचारियों में अनुशासन सुनिश्चित किया, वहीं नारी सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा, और महिला सुरक्षा योजनाओं को भी प्राथमिकता दी।
सम्मान और उपलब्धियाँ
-
गोंडा प्रशासन को राज्य स्तर पर कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
-
जिलाधिकारी की कार्यप्रणाली की प्रशंसा लखनऊ तक होती रही है।
-
कई योजनाओं में गोंडा राज्य के टॉप जिलों में शामिल रहा।
निष्कर्ष:
डीएम नेहा शर्मा का दो वर्षों का कार्यकाल गोंडा के प्रशासनिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह सिद्ध किया कि जब इरादे साफ हों और नेतृत्व पारदर्शी, तो कोई भी जिला प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।



