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गोंडा: जिले में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने जिला पंचायत सभागार पर एकजुट होकर 12 मांगें रखने के लिए धरना दिया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया, जिसमें उनके साथ होने वाली समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग किया गया।
“जबरन किया जा रहा काम, सुविधाएँ नहीं दी जा रहीं”
कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि विभाग उनके ऊपर चेहरा प्रमाणीकरण करवाने का अनैच्छिक आदेश थोप रहे हैं, जबकि उनके अधिकतर लोगों के पास 5जी स्मार्टफोन नहीं हैं। उनके पुराने मोबाईल्स पर नया ऐप इंस्टॉल ही नहीं किया जा सकता, साथ ही लाभार्थियों ने दिए गए आधार कार्ड से जुड़े मोबाईल नंबर या तो बंद हैं या उनके अभिभावक बाहरी इलाके में रहे रहे हैं।
“स्वयं सहायता समूह ने किया घोटाला, कोटेदारी प्रणाली भी असंतुलित”
धरने पर आई आंगनबाड़ी ने आरोप लगाया कि स्वयं सहायता समूह ने पोषाहार वितरण में अनियमितता किया, जबकि कोटेदारी प्रणाली ने भी लाभार्थियों तक चावल नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किया, जिसके कारण गरीब लोगों तक भोजन नहीं पहुंच पा रहा।
राजेश दीक्षित ने किया समर्थन
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ डिजिटल इंडिया की बात किया जाता है, दूसरी तरफ उनके लोगों तक सुविधाएँ नहीं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने स्वयं ही इंटरनेट रीचार्ज किया, फिर भी उनके प्रयासों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
किया बड़ा आन्दोलन देने का आह्वान
धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रेम कुमारी यादव ने किया। साथ ही आंगनबाड़ी ने साफ किया कि अगर उनके 12 मांगे नहीं मानी गईं, तो अधिक बड़ा आन्दोलन किया जाएगा, जिसके लिए आदेश दिया जा चुका है।



